नई दिल्ली : एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय चयन समिति जब अगले महीने छह से 18 मार्च तक श्रीलंका में होने वाली टी-20 ट्राइ सीरीज  के लिये भारतीय टीम पर फैसला करने के लिये हफ्ते के अंत में बैठक करेगी तो इसमें तेज गंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह के कार्यभार के विषय पर चर्चा होने की उम्मीद है. विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका में सभी मैच खेले हैं, लेकिन उनका मामला अन्य से थोड़ा अलग होगा, क्योंकि उन्हें आराम देने का फैसला खुद कप्तान पर निर्भर होगा.


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बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, ‘अगर विराट आराम चाहते हैं तो उन्हें आराम मिलेगा. विराट के मामले में, वही फैसला करेगा कि वह इसके लिये टीम में होना चाहता है या नहीं. लेकिन आप कुछ नहीं कह सकते, वह शायद टी20 सीरीज में खेलना चाहे क्योंकि यह सत्र का अंतिम टूर्नामेंट है. एक बार टूर्नामेंट खत्म हो गया तो उसके पास इंडियन प्रीमियर लीग से पहले 15 दिन का खाली समय होगा.’



जब मुख्य चयनकर्ता प्रसाद से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.  लेकिन यह तो समझ आता है कि जब भी चयन बैठक होगी तो तेज गेंदबाजी इकाई के बारे में चर्चा होगी. हालांकि भुवी और बुमराह को इंडियन प्रीमियर लीग से शुरू होने वाले आगे के लंबे सत्र को देखते हुए जरूरी आराम दिए जाने की संभावना है. ये दोनों भारत के सभी प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज हैं.


भुवनेश्वर ने टेस्ट और वनडे सीरीज को मिलाकर करीब 100 ओवर डाले हैं. अगर वह टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पूरा कोटा गेंदबाजी करते हैं तो उनके कुल 112 ओवर हो जायेंगे. लेकिन किसी ने भी बुमराह से ज्यादा गेंदबाजी नहीं की है जो कोहली और हार्दिक पंड्या के साथ दौरे पर अभी तक सभी मैच खेलने वाले तीन खिलाड़ियों में से एक हैं.


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अगर बुमराह तीन टी-20 में अपने पूरे कोटे गेंदबाजी करते हैं, तो वह 166 ओवर से ज्यादा गेंदबाजी कर लेंगे जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को देखते हुए काफी ज्यादा है. भारत को आगामी सत्र में 30 वनडे सहित 63 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं तो बुमराह की फिटनेस चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन दोनों के लिये प्राथमिकता होगी.



अगर बुमराह और भुवी को आराम दिया जाता है तो शार्दुल ठाकुर और जयदेव उनादकट के नई गेंद की जिम्मेदारी उठाने की उम्मीद है. केरल के यार्कर विशेषज्ञ बासिल थम्पी श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टी-20 सीरीज के दौरान रिजर्व खिलाड़ी थे और अगर भुवनेश्वर या बुमराह में से किसी एक को या फिर दोनों को आराम दिया जाता है तो वह शायद वापसी कर सकते हैं.