Nightmare Disorder: बुरे सपने आने की शिकायत ज्‍यादातर छोटे बच्‍चों में देखी जाती है, लेकिन ऐसा कोई फिक्‍स नहीं होता. किसी भी उम्र में बुरे सपने आ सकते हैं और ये समस्‍या तो तब बढ़ जाती है. जब लगातार बुरे सपने आ रहे हो. ऐसे में ये सोचना जरूरी हो जाता है कि उसके पीछे की क्‍या वजह हो सकती है? बुरे सपने को अंग्रेजी में नाइटमेयर (Nightmares) कहते हैं. नाइटमेयर आने की कई वजह हो सकती है, जैसे मानसिक और शारीरिक. इसके अलावा कुछ मेडिकल वजह भी हो सकती है. अगर आपको या आपके परिवार में किसी को भी ऐसी समस्‍या है तो ये आपके लिए चिंता की बात हो सकती है. क्‍योंकि कई बार बुरे सपने किसी मेडिकल डिसऑर्डर की वजह से भी आते हैं. आइए जानते हैं ये डिसऑडर क्‍या हो सकता है?     


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बुरे सपने आने के क्‍या हैं लक्षण ?  (Symptoms of Nightmare) 


बुरे सपने अधिकतर आधी रात के समय आते हैं और इनका कोई फ‍िक्‍स टाइम नहीं होता, ये एक से ज्‍यादा बार भी आ सकते हैं. बुरे सपने आने पर आपको सोने में परेशानी हो सकती है और ये किसी भी उम्र में आ सकते हैं. इसकी वजह से मरीज को तनाव भी महसुस होता है. सपना आने पर डर लगता है, व्‍यक्ति घबराकर उठ जाता है. कई बार सोने में ही डर लगता है. दूसरे लोगों पर गुस्‍सा आता है और च‍िड़च‍िड़ापन भी होता है. इसकी वजह से आपको दिन भर थकान भी महसूस हो सकती है.   


बुरे सपने आने की क्‍या है वजह?


अगर आपने दिन में ऐसी घटना देखी हो जो आपके दिमाग में बार-बार आ रही है, तो आपको बुरे सपने आ सकते हैं. अगर आप रात में सोने से पहले होरर मूवी या कुछ ऐसा देख लें जो डरावना हो तो भी आपको बुरे सपने आ सकते हैं. कई बार दिन भर कुछ बुरा सोचने पर भी रात को बुरे सपने आ सकते हैं. इसके अलावा पैरासोम्‍न‍िया होने पर भी आपको बुरे सपने आ सकते हैं. पैरासोम्‍न‍िया (parasomnia) एक तरह का डिसऑर्डर है, जिसमें मरीज को सोने में परेशानी आती है.  


इलाज क्‍या हो सकता है?  (Treatment and Remedies)


अगर आप रात को मेडिटेशन करके सोएंगे तो बुरे सपने आने की आशंका कम होगी. इसके अलावा आप मन में तनाव न रखें. आजकल लोगों द्वारा एल्‍कोहॉल और कैफीन का इस्‍तेमाल ज्‍यादा हो रहा है, ऐसे में बुरे सपने से बचने के लिए इनका सेवन कम करना चाहिए. 


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