Cough syrup made by Indian company fails WHO test: विश्‍व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पिछले महीने इराक में दूषित मिले कोल्ड सिरप के लिए भारत की एक दवा कंपनी को दोषी ठहराया है. संगठन ने कहा कि यह कोल्ड सिरप महाराष्ट्र की एक दवा कंपनी में तैयार किया गया था. दूषित कोल्ड सिरप के इस बैच को बनाने वाली इस कंपनी का नाम फोरर्ट्स (इंडिया) लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड (Fourrts (India) Laboratories Pvt Ltd) है. इसी कंपनी ने बिक्री के लिए अपनी यह दवाई इराक भेजी थी. 


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'दवा में मिले जहरीले रसायन'


WHO ने बयान जारी करके कहा कि भारत की फोरर्ट्स (इंडिया) लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड कोल्ड सिरप (Cold Out Cough Syrup) बनाकर इराक की डैबीलाइफ फार्मा प्राइवेट लिमिटेड को सप्लाई करती है. वह इस दवा को 'कोल्ड आउट' नाम से बिक्री करती है. यह एक सर्दी की दवा है. आरोप है कि इराक में सप्लाई की गई इस दवा में जहरीले रसायन मिले हैं. 


'पिछले महीने मिली थी शिकायत'


संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने 10 जुलाई 2023 को तीसरे पक्ष ने इस दवा (Cold Out Cough Syrup) की शिकायत की थी. इसके बाद कोल्ड आउट सिरप का एक नमूना इराक से हासिल करके उसे संगठन की लैब में जांच के लिए भेजा गया. इस नमूने की जांच में पता चला कि सर्दी भगाने वाली यह दवा एथिलीन ग्लाइकॉल नाम के एक जहरीले औद्योगिक विलायक से दूषित है.


'मनुष्य के लिए बहुत खतरनाक'


WHO ने बयान में कहा, 'जांच के लिए भेजे गए नमूने (Cold Out Cough Syrup) में डायथिलीन ग्लाइकॉल (0.25%) और एथिलीन ग्लाइकॉल (2.1%) की अस्वीकार्य मात्रा पाई गई. एथिलीन ग्लाइकॉल और डायथिलीन ग्लाइकॉल दोनों के लिए स्वीकार्य सुरक्षा सीमा 0.10% से अधिक नहीं है.' डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल का सेवन मनुष्यों के लिए जहरीले होता है और इसकी वजह से लोगों की हालत खराब हो सकती है. 


'कंपनियों ने नहीं दी कोई गारंटी'


संगठन ने इस बात पर खेद जताया कि लैब की जांच में सैंपल फेल होने के बावजूद दवा (Cold Out Cough Syrup) बनाने वाली और उसे बेचने वाली कंपनी ने उसे सुरक्षित बनाने के तरीकों की गारंटी नहीं दी है. बताते चलें कि पिछले साल कथित तौर पर गाम्बिया और उज्बेकिस्तान में भारत में निर्मित कफ सिरप पीने की वजह से कई बच्चों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा एक्शन लिया था और कई कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ ही उनके ड्रग लाइसेंस भी रद्द कर दिए थे. 


(एजेंसी IANS)