Killing Of Terrorists In Pakistan: भारत के मोस्ट वॉन्टेड अपराधी भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को कथित तौर पर पाकिस्तान के कराची में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मीडिया रिपोट्स में दावा किया जा रहा है कि उसे जहर दिया गया है. हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. बता दें 1993 मुंबई धमाकों का मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम कथित तौर पर दशकों से पाकिस्तान में है.


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हाल के दिनों विदेशों में खासतौर से पाकिस्तान में छिपे भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है. पिछले दो सालों में पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में वॉन्टेड आतंकवादी मारे गए हैं. वे सभी भारतीय सुरक्षा बलों और अन्य के खिलाफ आतंकी हमलों में शामिल थे.


हत्याओं का यह सिलसिला 2021 में लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 2008 के मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की हत्या की नाकाम कोशिश के तुरंत बाद शुरू हुआ.


पाकिस्तान में मारे गए भारत के प्रमुख मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी


अदनान अहमद उर्फ ​​हंजला
लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख आतंकवादी अदनान अहमद उर्फ ​​हंजला अदनान को कराची में अज्ञात हमलावरों ने ढेर कर दिया. हंजला 2016 में पंपोर में CRPF काफिले पर हमले मास्टरमाइंड था. इस हमले में 8 जवान शहीद हुए थे, जबकि 22 जवान जख्मी हुए थे.  हंजला पर 2-3 दिसंबर की रात हमला हुआ था. अज्ञात हमलावरों ने उस पर 4 गोलियां चलाई थीं.


अकरम खान
पूर्व लश्कर आतंकवादी अकरम खान – [उर्फ अकरम गाजी, जो कि लश्कर के भर्ती सेल का प्रमुख था] - की 9 नवंबर को खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर आदिवासी जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.


ख्वाजा शाहिद
5 नवंबर को ख्वाजा शाहिद, जिसे मियां मुजाहिद के नाम से भी जाना जाता है, का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था और बाद में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास उसका बिना सिर का शव मिला. सूत्रों के अनुसार, शाहिद लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख व्यक्ति था और सुंजुवान में भारतीय सेना शिविर पर 2018 के आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड में से एक था, जिसमें सात लोगों की जान चली गई थी.


शहीद लतीफ
जैश-ए-मोहम्मद के पूर्व सदस्य और कथित तौर पर 2016 के पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ की अक्टूबर में पाकिस्तान पंजाब के सियालकोट में मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. उस हमले में लतीफ का एक सहयोगी भी मारा गया और एक अन्य सहयोगी घायल हो गया.


 


अन्य प्रमुख आतंकवादी जिन्हें अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी:-


सितंबर 2023: धांगरी आतंकी हमले के मास्टरमाइंडों में से एक रियाज अहमद (उर्फ अबू कासिम) पीओके की एक मस्जिद में मारा गया.


सितंबर 2023: कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के मौलाना जियाउर रहमान की हत्या कर दी गई.


सितंबर 2023: कराची के सोहराब गोथ में लश्कर-ए-तैयबा के मुफ्ती कैसर फारूकी की हत्या.


अगस्त 2023: जमात-उद-दावा के मुल्ला सरदार हुसैन अरैन की सिंध के नवाब शाह जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई.


मई 2023: खालिस्तान कमांडो फोर्स के पाकिस्तान स्थित नेता परमजीत सिंह पंजवार की लाहौर के जौहर टाउन में हत्या कर दी गई.


मार्च 2023: हिजबुल मुजाहिदीन के बशीर अहमद पीर (उर्फ इम्तियाज आलम) रावलपिंडी में मारा गया.


मार्च 2023: प्रमुख ‘जिहादी’ सैयद नूर, खैबर आदिवासी जिले में मारा गया.


फरवरी 2023: अल-बद्र मुजाहिदीन के सैयद खालिद रज़ा की कराची में हत्या.


मार्च 2022: काठमांडू से दिल्ली की उड़ान आईसी-814 (1999) के पांच अपहर्ताओं में सबसे घातक माने जाने वाले जैश-ए-मोहम्मद के मिस्त्री जहूर इब्राहिम (उर्फ जाहिद अखुंद) कराची में मारा गया.


हत्याओं के पीछे आईएसआई?
इन हत्याओं के पीछे क्या पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है. यह सवाल उठता रहा है. पाकिस्तान में हुई आतंकियों की हत्या पर पाकिस्तानी सरकार ने चुप्पी साध ली है इससे यह शक और गहरा हुआ है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी आईएसआई यूज एंड थ्रो के फॉर्मूले पर चलती है. हो सकता है जो आंतकी जो उसके काम के नहीं रह गए हैं उन्हें वो खुद ही साजिशन मरवा रही हो. एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि आतंकियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में ये आंतकी मारे जा रहे हों.