नई दिल्लीः Vinayak Chaturthi 2024: विनायक चतुर्थी हिंदू धर्म का एक प्रसिद्ध त्योहार है. मान्यताओं के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. सभी देवी-देवताओं में भगवान गणेश की प्रथम पूजा की जाती है. उन्हें बुद्धि और बल के देवता का दर्जा प्राप्त है. भगवान गणेश अपने भक्तों की सभी परेशानियों को दूर करते हैं. हिंदू धर्म में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए ढेरों व्रत-उपवास आदि किए जाते हैं. 


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पंचांग के अनुसार, पौष माह की विनायक चतुर्थी 14 जनवरी रविवार को पड़ेगी. हर महीने अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है.


विनायक चतुर्थी का महत्व
विनायक चतुर्थी के दिन गणपति की पूजा करने से घर से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और शांति बनी रहती है. पूरे साल में संकष्टी चतुर्थी के 13 व्रत रखे जाते हैं. सभी व्रत के लिए एक अलग व्रत कथा है. खासकर विनायक चतुर्थी पर व्रत करने वालों के सारे संकट गणपति जी हर लेते हैं. बुद्धि, धन, बल, विद्या और पारिवारिक खुशहाली के लिए इस दिन गणेश जी की पूजा करनी चाहिए.


विनायक चतुर्थी पूजा विधि
विनायक चतुर्थी के दिन सुबह उठकर स्नान करें. इसके बाद साफ कपड़े पहनें. गणेश जी की फोटो पर चंदन का तिलक लगाएं, वस्त्र, कुमकुम, धूप, दीप, लाल फूल अक्षत, पान, सुपारी आदि चढ़ाएं. इसके बाद गाय के घी का दीपक जलाएं. गणेश जी को मोदक और दूर्वा बेहद पसंद हैं. विनायक चतुर्थी के दिन मोदक या लड्डू का भोग जरूर लगाएं और दूर्वा जरूर चढ़ाएं.


इस मंत्र का करें जाप
वक्रतुण्ड महाकाय, सुर्यकोटि समप्रभ:
निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा.


विनायक चतुर्थी के बाद पूजा के बाद आप फल, मूंगफली, खीर, दूध या साबूदाने को छोड़कर कुछ भी नहीं खाना चाहिए. आप सेंधा नमक को नज़रअंदाज़ करने की कोशिश करें. शाम के समय चांद के निकलने से पहले आप गणपति की पूजा करें.
 
(Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Zee Hindustan इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें.)