Congress demand BJP Donation: कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है. पत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कई कॉर्पोरेट दानदाताओं के बीच पारस्परिक लाभ के आरोपों की गहन जांच का आग्रह किया गया है. कहा गया कि यह ऐसा मामला है, जिनको लेकर कई बार केंद्रीय जांच एजेंसियों ने छापे मारे हैं.


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कांग्रेस द्वारा यह पत्र तब लिखा गया जब दो ऑनलाइन प्रकाशन द्वारा कंपनियों की तरफ से भाजपा को डोनेशन के संबंधित पैटर्न पर खोजी रिपोर्ट सामने आई.


हैरान करने वाली रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2018-19 और 2022-23 के बीच कम से कम 30 कंपनियों ने बीजेपी को लगभग ₹335 करोड़ का चंदा दिया. बड़ी बात ये थी कि इन कंपनियों में से 23 ने जांच एजेंसियों द्वारा मारे गए छापों से पहले कभी भी भाजपा को चंदा नहीं दिया था. एजेंसी की कार्रवाई के बाद कई कंपनियों ने भाजपा को अपना चंदा भी बढ़ा दिया.


वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, 'उपरोक्त उदाहरण जांच एजेंसियों पर दबाव डालकर सत्तारूढ़ दल को चंदे के रूप में कानूनी जबरन वसूली का स्पष्ट मामला प्रतीत होता है. निश्चित रूप से, ये एकमात्र मामले नहीं हैं जहां जबरन वसूली की ऐसी कार्यप्रणाली हुई है.'


उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों, विशेष रूप से वित्त मंत्रालय के दायरे में आने वाली एजेंसियों की स्वायत्तता और व्यावसायिकता के बारे में गंभीर सवाल उठाए और भाजपा के वित्त पर एक 'White Paper' की मांग की, जिसमें जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के माध्यम से कैसे कंपनियों को डोनेशन देने के लिए मजबूर किया गया, इसका विवरण शामिल हो.'


कांग्रेस का सवाल
वेणुगोपाल ने लिखा, 'हम कहीं भी यह आरोप नहीं लगा रहे हैं कि दर्ज मामले, या जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई अवैध है, लेकिन यह एक जांच की आवश्यकता है कि ये 'संदिग्ध' कंपनियां, जिनके खिलाफ ईडी के मामले हैं, इसके बावजूद सत्तारूढ़ पार्टी - भाजपा को दान क्यों दे रही हैं. उनके खिलाफ ईडी जांच कर रही है. क्या यह महज संयोग है कि ईडी की कार्रवाई के बाद वे भाजपा को चंदा दे रहे हैं?' कांग्रेस की जांच की मांग की है.


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