मां-बेटे की जोड़ी सैफ अली खान और शर्मिला टैगोर 'कॉफी विद करण' के सीजन 8 में पहुंचे. शर्मिला काले रंग की फ्लोरल साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही हैं, जबकि सैफ काले सूट में बेहद हैंडसम लग रहे हैं.  'कॉफी विद करण' अपने हर सीजन के साथ सुर्खियों में बने रहते है. एक्ट्रेस ने पुरानी बातों को याद करते कई किस्‍सें शेयर किए. उन्होंने बताया कि सैफ अली खान जब पहली बार मुंबई गये थे, तो शर्मिला टैगोर ने गुलजार से बात की थी कि सैफ को वो अपने घर रखें जिसके लिए गुलजार मान गए थे. 


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सैफ अली खान ने भी पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि, 'जब मैं  पहली पर मुंबई गया तो गुलजार साहब के घर पर रुका था. एक दिन की बात है जब मैं बाहर गया था, उस वक्त मेरी उम्र 20-19 साल की थी. इसलिए मैं थोड़ी देर से आया. या यूं कहें, कि सुबह के वक्त आया. गुलजार साहब उठे हुए थे, मैं उन्हें देखकर डर गया. वह सफेद कुर्ता पायजामा पहने सितार का रियाज कर रहे थे. सैफ ने आगे बताया कि जब मैं उनके घर गया तब'सैम बहादुर' फिल्म की डायरेक्टर और गुलजार की बेटी मेघना गुलजार को उनके अपने ही कमरे से बाहर जाने को कहा गया. सैफ ने बताया, कि कैसे उनकी बेहद खूबसूरत युवा बेटी फिल्म निर्माता मेघना को कमरे  से बाहर जाने को कहा गया, और चेतावनी दी गई थी कि अब ये लड़का यहीं रहेगा.उसे किसी और कमरे में शिफ्ट करना पड़ा.  
इस एपिसोड के दौरान आगे करण जौहर ने खुलासा किया कि उन्होंने शर्मिला टैगोर को फिल्म में आलिया भट्ट की दादी की भूमिका की पेशकश की थी. यह किरदार आखिर में शबाना आजमी ने निभाया. इस चैट के दौरान शर्मिला ने खुलासा किया कि वह कैंसर से जूझ रही हैं.बता दें कि 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' मुख्य रूप से कोविड-19 लहर के दौरान शूट की गई थी. हालांकि, शर्मिला टैगोर फिल्म का हिस्सा नहीं बन सकीं. इससे पहले शर्मिला टैगोर ने कहा था कि बचपन में सैफ को पढने लिखने से ज्यादा दिलचस्पी एयर होस्टेस में रहती थी.