G-20 Summit: G-20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर कन्वेंशन सेंटर के भारत मंडप में कई प्रदर्शनियां लगाई गई है, जो भारत की तकनीकी शक्ति का प्रदर्शन करेंगी. सूत्रों के मुताबिक, 'सकाफती गलियारा- G-20 डिजिटल संग्रहालय' G-20 के सदस्य मुल्कों और आमंत्रित मुल्कों की साझा विरासत का नुमाइंदगी करेगा और इसका जश्न मनाएगा.  


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सूत्रों ने बताया कि इसमें हिस्सा लेने वाले सदस्य मुल्कों और नौ आमंत्रित मुल्कों की सकाफती समानों और विरासत को भी शामिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की समझ को बढ़ावा देने, तालीम साझा करने, समावेशिता और समानता समेत साझा पहचान की भावना को बढ़ाने के लिए एक शक्तिशाली मंच के रूप में काम करेगा. सूत्रों के मुताबिक, 'डिजिटल इंडिया एक्सपीरियंस जोन', हॉल संख्या चार और 14 में स्थापित किया जा रहा है, जहां भारत की तकनीकी शक्तियों का अनुभव करने का अनूठा मौका मिलेगा. 


उन्होंने बताया कि यहां  'डिजिटल इंडिया कार्यक्रम' की महत्वपूर्ण पहलों को देखने को मिलेगा और आधार, डिजीलॉकर, यूपीआई, ई-संजीवनी, दीक्षा, भाषिनी, ओएनडीसी, आस्क गीता जैसी पहलों पर ध्यान देगा. इसमें माईगव, कोविन, उमंग, जनधन, ई-एनएएम, जीएसटीएन, फास्ट टैग और सरकार की ऐसी दूसरे पहल भी शामिल होंगी. भारतीय रिजर्व बैंक का ‘इनोवेशन पवेलियन' G-20 शिखर सम्मेलन में अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन करेगा. 


इनमें सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी, फ्रिक्शनलेस क्रेडिट के लिए पब्लिक टेक प्लेटफार्म, बिना कागज के डिजीटल तरीके से कर्ज दिए जाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग और दूसरे भुगतान  करने वाले तरीकों ('यूपीआई वन वर्ल्ड', 'रुपे ऑन द गो', भारत बिल भुगतान के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बिल भुगतान आदि) शामिल हैं. 'यूपीआई वन वर्ल्ड' उन विदेशी यात्रियों के लिए तैयार किया गया है जिनके भारत में बैंक खाते नहीं हैं.  


सूत्रों ने बताया, भारत मे रहने के दौरान विदेशी नागरिक बिना किसी परेशानी के सुरक्षित भुगतान का फायदा उठा सकते हैं. इसमें उन्हें 2,000 रुपये की राशि दी जाएगी, जिसका इस्तेमाल वे अपनी मर्ज़ी के मुताबिक कर सकते हैं.


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