नई दिल्ली: भारत की इकलौती मस्जिद जिसे ‘कांच की मस्जिद’ के नाम से जाना जाता है, मेघालय में मौजूद है. इस मस्जिद का नाम मदीना मस्जिद है. मस्जिद की खास बात यह है कि इसमें औरतों के लिए एक अनाथालय और सभी के लिए लाइब्रेरी मौजूद है. 


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शिलांग जिले के लाबान इलाके में मौजूद इस मस्जिद के ऊपरी हिस्से में कांच के गुंबद और मीनारें हैं. मस्जिद के अगले हिस्से में पार्क जैसी जगह है. इसके अलावा यहां ईदगाह भी है. जहां नमाजी ईद और बकरीद के दिन नमाज अदा करते हैं. मस्जिद के बाहर का नजारा देखते ही बनता है. यहां सिर्फ नमाजी ही नहीं पर्यटक भी बड़ी तादाद में आते हैं. कांच की इस मस्जद को देखने विदेशों से भी लोग आते हैं.



मदीना मस्जिद की बुनियाद 2 नवंबर 2007 को रखी गई थी. यहां मौजूद ईदगाह मैदान का उद्घाटन 29 अप्रैल 2018 को किया गया.


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मदीना मस्जिद मौजूद अनाथालय को मेहरबा अनाथालय के नाम से जाना जाता है. इसके अलावा यहां इस्लामिक लाइब्रेरी और थियोलॉजिकल इंस्टीट्यूट भी मौजूद है. इस सबका उद्घाटन 18 अक्टूबर, 2012 को किया गया. इस मौके पर अल्पसंख्यक मामलों और कानून मंत्री सलमान खुर्शीद, अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री विंसेंट पाला मौजूद थे.


आवज दी वायस की एक खबर के मुताबिक मस्जिद के पास उमशीरपी कॉलेज है. इस कॉलेज को मस्जिद इंतजामिया की तरफ से चलाया जाता है. कॉलेज में बच्चे सालों से तालीम हासिल कर रहे हैं.


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