Shafiqur Rahman Barq: यूपी के संभल से समाजवादी पार्टी के एमपी अपने खास अंदाज के लिए जाने जाते हैं. वो अपने बयानों के जरिए चर्चा में बने रहते हैं. अब एक बार फिर डॉ. शफीकुर रहमान बर्क ने इंटरनेशनल योग दिवस पर मदरसों और दरगाहों में योग के कार्यक्रम के आयोजन पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि मदरसे योग डे का हिस्सा नहीं बनने चाहिए. मदरसों में सिर्फ 'एजुकेशन डे' मनाना चाहिए. यहां पढ़ने वाले बच्चों को एहसास दिलाया जाए कि तुम अच्छा पढ़ रहे हो. तुमको और ज्यादा पढ़ने की जरूरत है. बर्क ने कहा कि 'एजुकेशन डे' मनाने से स्टूडेंट को अच्छी नॉलिज हासिल होगी.


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 मदरसों में 'योग डे' के आयोजन की मुखालेफत
एमपी शफीकुर रहमान बर्क यहीं नहीं रूके बल्कि उन्होंने ने केंद्र और यूपी सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि इसके पीछे सरकार की मंशा ये है कि मुस्लिम बच्चे धार्मिक तालीम हासिल न कर सके. उन्होंने कहा कि मदरसों में योग डे मानने का क्या फायदा है? हर आदमी घर पर यह कर सकता है. उन्होंने कहा कि सभी को मदरसों में योग डे के आयोजन की मुखालेफत करनी चाहिए. बर्क ने हमलावर होते हुए कहा कि मदरसों में तालीम रोकने के लिए योग दिवस का आयोजन कराया जा रहा है.



2024 के लिए सरकार का प्लान
समाजवादी पार्टी के एमपी डॉ. शफीकुर रहमान बर्क ने मदरसों में इंटरनेशनल योग दिवस के आयोजन के अहकामात पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि मदरसों का संचालन और मुसलमान बच्चों की मजहबी एजुकेशन को रोकने के लिए मदरसों में योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है. 2024 के इलेक्शन में बहत कम समय बाकी है. ऐसे में धर्म का कार्ड खेलकर सरकार हिंदू-मुस्लिम को आपस में लड़ाना चाहती है. एमपी डॉ. शफीकुर रहमान बर्क ने कहा कि इनका मकदस नफरत की पॉलिसी को आम करना है. इलेक्शन से पहले ही इनको चक्कर आ रहा है. देश के अवाम को इनका समर्थन नहीं मिल रहा है, इसलिए इस तरह की बाते लगातार सामने आ रही हैं.


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