भोपालः मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने लव जिहाद के खिलाफ "धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020" के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है. सनीचर को हुई कैबिनेट बैठक में इस ड्राफ्ट पर मुहर लग गई. अब इस बिल को असेंबली के शीतकालीन सत्र (Winter Session) में पार्लियामेंट में पेश किया जा सकता है. असेंबली से पास होने के बाद "धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020" कानून बन जाएगा.


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मध्य प्रदेश के होम मिनिस्टर मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट मीटिंग के बाद प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि "धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020" के ड्राफ्ट में कुल 19 प्रोविज़न हैं. उनके मुताबिक मध्य प्रदेश में बनने जा रहा लव जेहाद कानून दूसरे राज्यों में बने कानूनों से ज्यादा सख्त होगा. इसमें मुजरिम को 10 साल की सजा का प्रोविज़न किया गया है. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लव जेहाद के खिलाफ कानून को आर्डिनेंस के ज़रिए अमल में ला चुकी है.


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अब मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार भी उसी राह पर बढ़ रही है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लव जेहाद के खिलाफ अध्यादेश के ज़रिए जो कानून लागू किया है, उसमें गैर जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज करने और 10 साल की कठोरतम सजा का प्रावधान है. इसका अध्ययन करने के लिए बीते दिनों मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा उत्तर प्रदेश के दौरे पर भी आए थे.


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