शिवपुरीः बसपा नेता के नीली पगड़ी पहनने से गुस्साए दबंगों ने उधेड़ी सिर की चमड़ी

बीएसपी के अन्य नेताओं ने घटना की पुष्टी करते हुए बताया की गुर्जर समाज के ये दबंग बीएसपी नेता (सरदार सिंह जाटव) के नीली पगड़ी पहनने से काफी नाराज थे.

शिवपुरीः बसपा नेता के नीली पगड़ी पहनने से गुस्साए दबंगों ने उधेड़ी सिर की चमड़ी
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर
Play

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां  बसपा के एक दलित नेता की कुछ दबंगों ने नीली पगड़ी पहनने पर न सिर्फ जोरदार पिटाई कर दी बल्कि उसके सिर की चमड़ी भी उदेड़ दी. बीएसपी के अन्य नेताओं ने घटना की पुष्टी करते हुए बताया की गुर्जर समाज के ये दबंग बीएसपी नेता (सरदार सिंह जाटव) के नीली पगड़ी पहनने से काफी नाराज थे. जिसके चलते नेताओं ने न सिर्फ सरदार सिंह की पिटाई की बल्कि उस्तरे से सिर की चमड़ी भी उधेड़ दी. गुर्जरों की इस हरकत से पूरे दलित समाज में आक्रोश है जिसके चलते बसपा के करीब आधा दर्जन नेता और दलित समाज के कई लोग एसपी ऑफिस पहुंचे और एसपी को दबंगों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा हैं.

मध्य प्रदेश: भारत बंद को लेकर प्रशासन सतर्क, कई जिलों में निषेधाज्ञा लागू

पुलिस की गिरफ्त से बाहर आरोपी
नरवर थाना प्रभारी बादाम सिंह यादव ने आज बताया, ‘‘इस मामले में सुरेन्द्र गुर्जर सहित दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास और एससी/एसटी कानून की सम्बद्ध धाराओं के तहत तीन सितम्बर को एक मामला दर्ज किया गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पीड़ित सरदार सिंह जाटव ने अपनी शिकायत में सुरेन्द्र और दो अन्य लोगों पर मारपीट करने और छुरे से सिर के बाल तथा चमड़ी उखाडऩे का आरोप लगाया है.’’ उन्होंने बताया कि पीड़ित को गंभीर हालत में ग्वालियर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

बिहार: दबंग छात्रों ने क्लासरूम में स्टूडेंट को बुरी तरह पीटा, देखें वायरल VIDEO

बसपा नेताओं ने एसपी को सौंपा ज्ञापन
पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में तीन आरोपियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है और उन लोगों की तलाश जारी है. वहीं बसपा नेता दयाशंकर गौतम ने आरोप लगाया कि दबंगों ने जाटव के सिर की चमड़ी इसलिए उखाड़ दी कि वह नीली पगड़ी बांधता था और बसपा से जुड़ा हुआ है. वहीं बसपा नेताओं द्वारा ज्ञापन सौंपने और रिपोर्ट दर्ज कराने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 307, 34 ताहि, 3(2), (व्ही) एससी एसटी एक्ट के तहत प्रकरण तो पंजीबद्ध कर लिया, लेकिन एक सप्ताह गुजरने के बाद भी पुलिस आरोपियों पर तक पहुंचने में नाकाम साबित हुई है. जिसके चलते आरोपियों के खुलेआम घूमने से पीड़ित पक्ष भयभीत है. (इनपुटः भाषा से भी)

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close