लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार : फैसले को चुनौती देगी बिहार सरकार

बिहार के चर्चित लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार मामले के 26 दोषियों को पटना उच्च न्यायालय द्वारा बरी किए जाने के फैसले को बिहार सरकार सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देगी।

Updated: Oct 10, 2013, 07:51 PM IST

पटना: बिहार के चर्चित लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार मामले के 26 दोषियों को पटना उच्च न्यायालय द्वारा बरी किए जाने के फैसले को बिहार सरकार सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देगी। जहानाबाद जिले में 1997 में हुए इस नरसंहार में 58 दलितों की हत्या कर दी गई थी। यह जानकारी गुरुवार को एक अधिकारी ने दी।
बिहार के महाधिवक्ता ललित किशोर ने कहा कि उच्च जाति की रणवीर सेना द्वारा लक्ष्मणपुर बाथे में किए गए नरसंहार मामले में बरी किए जाने के फैसले को राज्य सरकार चुनौती देगी। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार नरसंहार के दोषियों के खिलाफ सबूत से संबंधित दस्तावेज जुटाकर यथाशीघ्र उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देगी।
किशोर ने कहा कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि एक उच्चस्तरीय बैठक में फैसला लिए जाने के बाद हम शीर्ष अदालत में अपील दायर करने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्मणपुर बाथे की घटना हत्या की सामान्य वारदात नहीं थी। `यह नरसंहार था।`
ज्ञात हो कि पटना उच्च न्यायालय ने बुधवार को लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार में निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए और सजा पाए 26 लोगों को कमजोर सबूत के आधार पर बरी कर दिया। पटना व्यवहार न्यायालय के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 2010 में दोषी करार दिए गए लोगों में से 16 को मृत्युदंड और 10 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। (एजेंसी)