ज़ी स्पेशल

जिंदगी हो या फुटब़ॉल झेलना आना चाहिए

जिंदगी हो या फुटब़ॉल झेलना आना चाहिए

अमेरिकी पत्रकार जिएऩी लासकास के खुलासे ‘गेम ब्रेन’ पर बनी फिल्म कनकशन, फुटब़ॉल (अमेरिकन रग्बी) की इसी टक्कर को दिखाती है. किस तरह अपने जमाने के चैंपियन सिर दर्द की बीमारी से जूझ रहे हैं औऱ पिट्सबर्ग का एक खिलाड़ी जो शहर का चहेता था, अकेले जिंदगी जीते हुए अपनी कार में मरा हुआ पाया जाता है. 

पंकज रामेंदु | Jun 19, 2018, 11:31 PM IST
डियर जिंदगी : बेटी को बेटे जैसा कहना उसका अपमान है!

डियर जिंदगी : बेटी को बेटे जैसा कहना उसका अपमान है!

सुखी असल में वही है, जो खुद में अपने को स्थित किए हुए है. स्‍वयं को अपने में सीमित करना कुछ वैसा ही है, जैसा यह कहते रहना कि मैं सरल हूं, लेकिन असल में हमारे आसपास सरल व्‍यक्ति लाखों में कोई एक होता है. 

दयाशंकर मिश्र | Jun 19, 2018, 07:35 AM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

जिंदगी हो या फुटब़ॉल झेलना आना चाहिए

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अमेरिकी पत्रकार जिएऩी लासकास के खुलासे ‘गेम ब्रेन’ पर बनी फिल्म कनकशन, फुटब़ॉल (अमेरिकन रग्बी) की इसी टक्कर को दिखाती है. किस तरह अपने जमाने के चैंपियन सिर दर्द की बीमारी से जूझ रहे हैं औऱ पिट्सबर्ग का एक खिलाड़ी जो शहर का चहेता था, अकेले जिंदगी जीते हुए अपनी कार में मरा हुआ पाया जाता है. 

पंकज रामेंदु | Jun 19, 2018, 11:31 PM IST
डियर जिंदगी : बेटी को बेटे जैसा कहना उसका अपमान है!

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सुखी असल में वही है, जो खुद में अपने को स्थित किए हुए है. स्‍वयं को अपने में सीमित करना कुछ वैसा ही है, जैसा यह कहते रहना कि मैं सरल हूं, लेकिन असल में हमारे आसपास सरल व्‍यक्ति लाखों में कोई एक होता है. 

दयाशंकर मिश्र | Jun 19, 2018, 07:35 AM IST
वीरांगना ही नहीं, माहिर कूटनीतिज्ञ भी थीं रानी लक्ष्मीबाई

वीरांगना ही नहीं, माहिर कूटनीतिज्ञ भी थीं रानी लक्ष्मीबाई

महारानी लक्ष्मीबाई की वीरांगना छवि को जनमानस में छापने का सबसे बड़ा काम कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता “खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी” ने किया. 

पीयूष बबेले | Jun 18, 2018, 12:31 PM IST
डियर जिंदगी : सोचा न था, तुम इतना बदल जाओगे…

डियर जिंदगी : सोचा न था, तुम इतना बदल जाओगे…

हम मन में गुत्‍थि‍यां बनाते चले जाते हैं. धीरे-धीरे मन की यह गुत्‍थी दिमाग और अंत में आत्‍मा पर शिकंजा जमा लेती है. अच्‍छे भले रिश्‍तों की मिठास 'सोचा न था, तुम इतना बदल जाओगे' के सिंड्रोम में कड़वाहट में बदल जाती है.

दयाशंकर मिश्र | Jun 18, 2018, 08:04 AM IST
स्मृति : राजकपूर, कादंबरी और आनंद रघुनंदन

स्मृति : राजकपूर, कादंबरी और आनंद रघुनंदन

एक शायर ने कहा है- आज यह बेजार है तो कल यहीं बाजार होगी. इसीलिए कहा जाता है कि घूरे के दिन भी फिरते हैं और सभ्यताएं चरम पर पहुंचकर फिर घूरे में तब्दील हो जाती हैं.

जयराम शुक्ल | Jun 17, 2018, 03:40 PM IST
फादर्स डे स्पेशल: पिता जो पलायन पर हैं...

फादर्स डे स्पेशल: पिता जो पलायन पर हैं...

भारत में वर्ष 2008 से 2015 के बीच आठ साल में 62.40 लाख नवजात शिशु मृत्यु का शिकार हुए हैं. जन्म के 28 दिन के अंदर मरने वाले इन बच्चों की यह संख्या थोड़ी नहीं है.

क्या टीम इंडिया में भी 'जो फिट है वही हिट है?'

क्या टीम इंडिया में भी 'जो फिट है वही हिट है?'

भारतीय कप्तान विराट कोहली स्वयं अपना उदाहरण प्रस्तुत कर के टीम में फिटनेस के प्रति एक अलख जलाए हुए हैं. खिलाड़ियों को भी मालुम पड़ गया है कि बगैर सौ प्रतिशत फिटनेस के भारतीय टीम में प्रवेश पाना अब असंभव है.

सुशील दोषी | Jun 16, 2018, 05:18 PM IST
फ़ौरन सोचना होगा कूड़ा प्रबंधन का कुछ नया उपाय

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दसियों साल से ठोस कचरा प्रबंधन में देश लगा है. लेकिन ऐसी कोई रिपोर्ट अब तक देखने में नहीं आई जो भविष्य को लेकर निश्चिन्त करती हो.

सुविज्ञा जैन | Jun 16, 2018, 03:41 PM IST
खाद्य सुरक्षा पर अमेरिकी चाल और सस्ते उत्पाद की डम्पिंग

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यह तय है कि जिस तरह से ट्रंप सरकार अमेरिका के हितों को केंद्र में रख कर विश्व बाज़ार और वैश्विक समुदाय को अपने नियंत्रण में करने की नीतिको उग्र तरीके से लागू कर रही है, इससे विश्व मंच पर खुला टकराव होते रहने की पूरा आशंका है.

सचिन कुमार जैन | Jun 15, 2018, 08:09 PM IST
पत्रकार लोकतंत्र का डाकिया है, उसे मारकर तुम खुद मरोगे

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कश्मीरियों को अपने आंदोलन को लोकतांत्रिक और अहिंसक रखकर सभ्य समाज की सहानुभूति हासिल करनी है, तो उन्हें ऐसी हत्याएं रोकने के लिए जो बन पड़े, वह करना चाहिए.

पीयूष बबेले | Jun 15, 2018, 02:27 PM IST
'संजू' और वे लोग, जिनके रिश्ते जेल के अंदर हैं...

'संजू' और वे लोग, जिनके रिश्ते जेल के अंदर हैं...

जब फिल्‍में जेल जैसे विषय को असंवेदनशीलता के साथ दिखाती हैं तो वे उस मकसद को तोड़ देती हैं, जिसके लिए फिल्‍म का निर्माण किया गया था. 

वर्तिका नंदा | Jun 15, 2018, 11:47 AM IST
डियर जिंदगी : आपका नजरिया क्‍या कहता है…

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हमारी अपनी जिंदगी में हमें जो भी हासिल हुआ है, ध्‍यान से देखिएगा तो मिलेगा कि केवल चीजों के प्रति आपके रुख यानी नजरिए से ही मिला है.

दयाशंकर मिश्र | Jun 15, 2018, 08:17 AM IST
हम भीड़ क्‍यों हो जाना चाहते हैं?

हम भीड़ क्‍यों हो जाना चाहते हैं?

जी हां, हम भीड़ होना चाहते हैं, लेकिन हत्‍या करने में, नुकसान पहुंचाने में फिर चाहे वह इंसान हो या प्रकृति. हम प्राकृतिक वातावरण की चाह में सुरम्‍य पर्यटन स्‍थलों पर जाना चाहते हैं, लेकिन अपने घर-आंगन में एक पेड़ नहीं रहने देना चाहते. 

पंकज शुक्ला | Jun 14, 2018, 03:08 PM IST
डियर जिंदगी : समय मिले तो घर आना कभी…

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हम मिलने के अर्थ को ही खो बैठे हैं. सोचते हैं किसी तरह मिलना टल जाए. मिलते उससे हैं, जिससे 'काम' बनता है. इस तरह काम तो बनते रहते हैं, लेकिन बने हुए दोस्‍त बिखरते जाते हैं. 

दयाशंकर मिश्र | Jun 14, 2018, 08:42 AM IST
डियर जिंदगी : भय्यूजी महाराज के सुसाइड नोट के मायने...

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दूसरों को सांत्‍वना देते-देते कई बार अपने लिए आंसू कम पड़ जाते हैं. दुनियाभर में सितारों के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है. 

दयाशंकर मिश्र | Jun 13, 2018, 07:16 AM IST
दुलार के चक्‍कर में बच्‍चों को टॉन्सिल की समस्‍या गिफ्ट मत कीजिए

दुलार के चक्‍कर में बच्‍चों को टॉन्सिल की समस्‍या गिफ्ट मत कीजिए

अपने झूठे हाथों से बच्‍चों को खाना कभी न खिलाएं. इस आदत के चलते बच्‍चे के मुंह में पहुंचे कीटाणु टॉन्सिलिसिट की समस्‍या पैदा कर देते हैं. 

डियर जिंदगी : चलो, एक बार फिर 'अजनबी' हो जाएं!

डियर जिंदगी : चलो, एक बार फिर 'अजनबी' हो जाएं!

वह सभी लोग जिनके विवाह को पांच, दस, बीस बरस या इससे अधिक हो चुके हैं. उनका इस बात से असहमत होना मुश्किल दिखता है कि एक-दूसरे के बारे में शायद ही कोई बात हो जो वह न जानते हों. इस सबकुछ जान लेने की इतनी बड़ी कीमत हम चुका रहे हैं, जिसका शायद ही हमें अंदाजा हो! एक-दूसरे के प्रति सबकुछ जान लेने का परिणाम ही है, बोरियत!

दयाशंकर मिश्र | Jun 12, 2018, 08:08 AM IST
उदासीन रिश्ते

उदासीन रिश्ते

खुशियों व खनखनाहट से भरी जिन्दगी आज तनाव से भरी हो गई है.आज आदमी के पास गाड़ी,मकान पैसा सब कुछ है नहीं है तो समय और रिश्ते. आज जिन्दगी काम का और पैसा कमाने का ही नाम बनकर रह गई है. 

रेखा गर्ग | Jun 11, 2018, 07:40 PM IST
फीफा वर्ल्डकप कोई भी जीते, इन 4 खिलाड़ियों पर नजर होंगी सबकी नजरें

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इस समय विश्व फुटबॉल नक्षत्र पर कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अपने खेल के दम पर फुटबॉल प्रेमियों के दिलों पर राज कर रहे हैं. उनके देशवासी इंतजार कर रहे हैं कि रूस में खेले जाने वाले विश्वकप फुटबॉल के 21वें संस्करण में ये सितारा खिलाड़ी उनके देश को अनुपम उपलब्धि दिलाने में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखायेगें.

असम में भीड़ के हाथों हत्या की घटना से हम क्या समझें?

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दुनियाभर में बढ़ रहे आतंकवाद के पीछे भी मौसम में बदलाव को एक वजह माना जा रहा है. अमेरिका के प्रेसिडेंट चुनाव के दौरान होने वाली बहस में जब बर्नी सेंडर्स से पेरिस अटैक के बाद सवाल पूछा गया था कि क्या वो अब भी क्लाइमेट चेज को सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ा खतरा मानते हैं.

पंकज रामेंदु | Jun 11, 2018, 03:26 PM IST

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