16 साल की उम्र में घूमने का लगा चस्का, ट्रेन में ही बना लिया घर, रेलवे को देता 8 लाख रुपए हर साल
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16 साल की उम्र में घूमने का लगा चस्का, ट्रेन में ही बना लिया घर, रेलवे को देता 8 लाख रुपए हर साल

Lasse Stolley: एक 16 साल के लड़के को ट्रेन में सफर करना इतना अच्छा लगा कि उसने ट्रेन में ही अपनी जिंदगी बसा ली है, लड़का दो सालों से ट्रेन में ही सोता, खाता, रहता और ट्रेन में सफर के दौरान ही नहा लेता है. यह सब करने के लिए वह रेलवे को आठ लाख  रुपए भी हर साल देता है, आइए जानते हैं कैसे करता है यह सब, कहां से होती है उसकी कमाई. 
 

16 साल की उम्र में घूमने का लगा चस्का, ट्रेन में ही बना लिया घर, रेलवे को देता 8 लाख रुपए हर साल

Lasse Stolley Train Passenger: आप सबने ट्रेन में सफर तो किया ही होगा, सबके पास ट्रेन की यात्रा से जुड़ी कोई न कोई कहानी जरूर होगी, लेकिन एक ऐसा लड़का है, जिसने ट्रेन में ही अपनी पूरी दुनिया बसा ली है. उसके लिए खूब सारे पैसा भी खर्च करता है, आखिर 17 साल के लड़के के पास ट्रेन में घूमने का कहां से आया आइडिया, क्या है पूरी कहानी. 

कौन हैं वह लड़का
जर्मनी में रहने वाले 17 साल के लड़के लेसे ने ट्रेन को अपना घर बना लिया है. वह ट्रेन में ही रहता है, ट्रेन में ही वह खाना, पीना, और आराम करता है. इसके पीछे कोई मजबूरी नहीं है, बल्कि वह खुशी-खुशी ऐसा करता है. लेसे ने पूरी दुनिया को यह समझाया कि हम अपने सारे सपने पूरे कर सकते हैं. बस दिल में सपने पूरे करने की चाहत हो.  

16 साल में घूमने का लगा चस्का
जर्मनी के लेसे स्टॉली ने सिर्फ 16 साल की उम्र में यह नया आइडिया सोचा. उसे ट्रेन में घूमने का शौक था. उसने अपने माता-पिता को इस विचार के बारे में बताया और उन्हें मनाया. शुरू में वे लड़के का कहना नहीं माने लेकिन बाद में उन्होंने उसकी बात मान ली.

सारी संपत्ति बेच दी
उसने अपनी सारी संपत्ति बेच दी, अपना फ्लैट छोड़ दिया, और ट्रेन में रहने की शुरुआत की.  यह सोचना अजीब लग सकता है कि कोई ट्रेन में रह सकता है, लेकिन लेसे स्टॉली इसे 2 साल से कर रहा है. अपने हिसाब से वह जीवन जी रहा है,जहां भी उसे जाना हो, वह वहाँ चला जाता है.

फर्स्‍ट क्‍लास कोच में सफर, 
लेसे स्टॉली कानूनी रूप से ट्रेन में रहता है. वह फर्स्‍ट क्‍लास कोच में सफर करता है. रात को ट्रेनों में ही सोता है. डीबी लाउंज में नाश्ता करता है. वहीं के स्विमिंग पूल में स्‍नान करता है. हर दिन वह लगभग 1000 क‍िलोमीटर की दूरी तय करता है. अच्‍छी-अच्‍छी जगहों पर जाता है. जहां मन करता है, वहां रुकता है. घूमने वाली जगहों को एक्‍सप्‍लोर करता है.

जानें टिकट पर कितना होता है खर्च
आप सोच रहे होंगे क‍ि इसके ल‍िए तो काफी क‍िराया चुकाना पड़ता होगा? जी हां, अगर आप रोजाना टिकट लेंगे तो क‍िराया काफी महंगा पड़ेगा. लेकिन लेसे के पास जर्मन रेल का एनुअल रेलकार्ड है. सिर्फ 8,500 पाउंड यानी 8.5 लाख रुपये में यह मिलता है, ज‍िससे आप सालभर कहीं भी फर्स्‍ट क्‍लास में सफर कर सकते हैं. क‍िसी भी ट्रेन से जा सकते हैं.

 

घूमने के साथ कमाई भी
लेसे रोजाना अपने ब्‍लॉग लाइफ ऑन द ट्रेन (Life On The train) के ल‍िए वीडियोज बनाता है. उसे शेयर करता है. इके साथ ही, वह एक प्रोग्रामर के रूप में काम करता है. वह यूट्यूबर्स को शॉट्स बनाकर बेचता है. इससे उसे काफी मोटी कमाई होती है. लेसे ने हाल ही में बिजनेस इनसाइडर से कहा, मैं इंटरसिटी एक्सप्रेस में सोता हूं. दिन के दौरान मैं एक सीट पर, एक टेबल पर बैठता हूं और एक प्रोग्रामर के रूप में काम करता हूं. रोजाना नए यात्रियों से बातचीत करता हूं. उनके शॉट्स बनाता हूं. मैं देश के एक छोर से दूसरे छोर तक यात्रा करता हूं. मैं पूरे जर्मनी को एक्‍सप्‍लोर कर रहा हूं.

पूरे दिन यात्रियों से करता बात
17 वर्षीय व्यक्ति अपना अधिकांश दिन अपने लैपटॉप पर काम करते हुए टेबल वाले बूथ पर अन्य यात्रियों के बीच बैठकर बिताता है. वह अपने यात्रा कंबल और गर्दन तकिया के साथ सीटों पर फैलाकर सो जाने के लिए शोर-रद्द करने वाले हेडफ़ोन का उपयोग करने के लिए भी जाना जाता है.

साथ में बस कुछ ही कपड़े

लड़के ने 2022 में 16 साल की उम्र में उत्तरी जर्मनी में अपना घर छोड़ दिया था. उनकी अलमारी में चार टी-शर्ट, दो जोड़ी पतलून, एक गर्दन तकिया और एक यात्रा कंबल है, जिसे उन्होंने छोटा करके एक ही बैग में सब कुछ फिट कर दिया. अब यही बैग लेसे ट्रेन में लेकर घूमता है. 

रेलवे में जॉब की चाहत

 लेसे की चाहत है कि उसे रेलवे विभाग में ही जॉब मिल जाए. "मेरी इच्छा परिवहन कंपनियों, उदाहरण के लिए डॉयचे बान या ट्रेन निर्माताओं को फीडबैक देने और इसके लिए भुगतान प्राप्त करने की होगी."

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