'इस्लामिक स्टेट' के 2 'बीटल्स' गिरफ्तार, बंधकों का सिर कलम करने वाले समूह में थे शामिल

अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर उक्त सूचना दी. विदेश मंत्रालय ने दोनों पर प्रतिबंध लगाया था. ऐसा माना जा रहा है कि उनके संबंध ब्रितानी आतंकवादी जिहादी जॉन से हैं.

ज़ी न्यूज़ डेस्क ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Feb 9, 2018, 03:51 PM IST
'इस्लामिक स्टेट' के 2 'बीटल्स' गिरफ्तार, बंधकों का सिर कलम करने वाले समूह में थे शामिल
‘द बीटल्स’ को बंधकों का सिर कलम करने वाले समूह के रूप में जाना जाता है. (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन: अमेरिका के एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि ‘सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस’ ने ‘द बीटल्स’ के नाम से जाने जाने वाले इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी समूह के दो ब्रितानी सदस्यों को गिरफ्तार किया है. ‘द बीटल्स’ को बंधकों का सिर कलम करने वाले समूह के रूप में जाना जाता है. ‘सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस’ को अमेरिका का समर्थन प्राप्त है. अधिकारी ने बताया कि अल शाफी अलशेख और अलेक्जेंडा एमोन कोटे को सीरिया में जनवरी में पकड़ा गया. ये दोनों लोग आईसी से उन चार सदस्यों में से हैं जिन्होंने अमेरिकी पत्रकारों जेम्स फोले और स्टीवन सोटलोफ तथा अमेरिकी सहायताकर्मी पीटर कासिग समेत दो दर्जन से अधिक लोगों को बंधक बनाकर उनके सिर कलम किए हैं.

अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर उक्त सूचना दी. विदेश मंत्रालय ने दोनों पर प्रतिबंध लगाया था. ऐसा माना जा रहा है कि उनके संबंध ब्रितानी आतंकवादी जिहादी जॉन से हैं. जिहादी जॉन आईएस का वह नकाबपोश आतंकवादी है जो पश्चिमी देशों के बंधकों का सिर काटे जाने वाले वीडियो में दिखाई दिया था.

खत्म हो रहा है ISIS का वजूद, लेकिन अलकायदा मजबूत बना रहा है अपनी पकड़: संयुक्त राष्ट्र

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों पर नजर रखने वाली संस्था ने एक रिपोर्ट में बीते 8 फरवरी को कहा कि अलकायदा के वैश्विक नेटवर्क ने लगातार ‘उल्लेखनीय ढंग से अपनी पकड़’ बना रखी है और कुछ क्षेत्रों में इस्लामिक स्टेट समूह से ज्यादा खतरा इस समूह के कारण है. यह रिपोर्ट सुरक्षा परिषद को भेजी गई. इसमें कहा गया कि यमन आधारित अलकायदा इन दी अरेबियन पेनेन्सुला (एक्यूएपी) इस आतंकी समूह के लिए संवाद केंद्र का काम करता है. गौरतलब है कि अलकायदा को संरा ने आतंकी समूह घोषित किया है.

रिपोर्ट में कहा गया, ‘अल कायदा से संबद्ध समूह सोमालिया और यमन जैसे कुछ क्षेत्रों में प्रमुख आतंकी खतरा बने हुए हैं. इस तथ्य की लगातार हुए हमलों और नाकाम किए गए अभियानों के जरिए पुष्टि होती है.’ इसमें कहा गया कि पश्चिम अफ्रीका और दक्षिण एशिया में अल कायदा से जुड़े समूह आईएस से जुडे़ समूहों जितना ही गंभीर खतरा पेश करते हैं.

(इनपुट एजेंसी से भी)