नई दिल्ली : मोदी सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेगी. बजट में आम आदमी से लेकर किसान, कारोबारी तक हर किसी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है. हर किसी को वित्त मंत्री के पिटारे से राहत मिलने की उम्मीद है. जानकारों का कहना है कि इस बजट में सरकार का फोकस कृषि और किसानों के ऊपर ज्यादा रहेगा. क्योंकि आने वाले लोकसभा चुनावों में किसानों की भूमिका अहम होगी, इसलिए हर हाल में किसानों को खुश करना जरूरी है. कृषि क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि मोदी सरकार किसानों की समस्या को लेकर अच्छी तरह से वाकिफ हैं. इसलिए वह बजट में किसानों के लिए बड़ी राहत का ऐलान कर सकते हैं.


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ब्याज दर में मिल सकती है छूट
सरकार किसानों को राहत देने के लिए फसली ऋण की ब्याज दरों में कटौती कर सकती है. इसके अलावा समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए फसली ऋण पर ब्याज राशि खत्म की जाने की उम्मीद है. फसली ऋण पर राहत देने का इशारा कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किया था. इसके अलावा सरकार लघु और सीमांत किसानों को 4 या 5 हजार रुपये प्रति एकड़/ प्रति वर्ष की मदद करने की घोषणा कर सकती है.


बढ़ सकता है KCC का दायरा
केंद्र सरकार बजट में पशुपालक, मछली पालन में लगे किसान, छोटे और मझोले किसानों के लिए ऋण की सुविधा बढ़ा सकती है. जानकार बताते हैं कि किसान क्रेडिट कार्ड पर 5 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज छूट का ऐलान हो सकता है. सस्ते लोन से छोटे-मझोले किसानों को फायदा होगा.


अभी केसीसी के तहत 3 लाख रुपये तक का लोन पर मिलता है. इतना ही नहीं पशुपालन, मछलीपालन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड 15 हजार करोड़ रुपये किया जा सकता है. अभी इस मद में 10 हजार करोड़ का फंड देने का प्रावधान है.