Budget 2024 Updates: मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही अंतरिम बजट में 23 बड़ी योजनाओं का ऐलान किया था. ऐसा किसी वित्त मंत्री ने पहली बार किया था. जानें चुनावी साल यानी 2014, 2019 और 2024 में क्या-क्या बड़े ऐलान हुए....
Budget 2023: बजट किसी भी देश की सरकार के आय-व्यय का एक साल का खाका होता है, जिसमें पूरे साल होने वाली इनकम का लेखा-जोखा शामिल होता है. अगले साल 2024 में देश में लोकसभा चुनाव होने हैं, इसलिए अगले साल सरकार की ओर से आम नहीं बल्कि अंतरिम बजट पेश किया जाएगा. अब सवाल उठता है कि आखिर आम बजट और अंतरिम बजट में क्या अंतर होता है? ये दोनों ही तरह के बजट कब पेश किए जाते हैं? जानक्वेरी के आज के अंक में आपको बजट के इन सारे सवालों के जवाब बेहद आसान भाषा में जानने को मिलेंगे.
Budget 2023: बजट किसी भी देश की सरकार के आय-व्यय का एक साल का खाका होता है, जिसमें पूरे साल होने वाली आय-व्यय का लेखा-जोखा शामिल होता है. अगले साल 2024 में देश में लोकसभा चुनाव होने हैं, इसलिए अगले साल सरकार की ओर से आम नहीं बल्कि अंतरिम बजट पेश किया जाएगा. अब सवाल उठता है कि आखिर आम बजट और अंतरिम बजट में क्या अंतर होता है? ये दोनों ही तरह के बजट कब पेश किए जाते हैं? जानक्वेरी के आज के अंक में आपको बजट के इन सारे सवालों के जवाब बेहद आसान भाषा में जानने को मिलेंगे.
2020 में मोदी सरकार के पहले बजट को पेश करते समय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कश्मीरी भाषा में एक कविता सुनाई. साथ ही उन्होंने उसका मतलब हिंदी भाषा में भी समझाया. आप भी सुनिए
CAG के जून के आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2019 तक सब्सिडी 2,96,684 करोड़ रुपये के बजट अनुमान में से 1,51,824.24 करोड़ रुपये थी.
मोदी सरकार ने अगले पांच सालों में देश की अर्थव्यवस्था 5 लाख करोड़ डॉलर बनाने का लक्ष्य रखा है. यह लक्ष्य पूरा होने पर बेरोजगारी और किसानों की ज्यादा कमाई जैसे लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिए जाएंगे.
आज संसद में निर्मला सीतारमण देंगी बजट पर जवाब. ज्यादा जानकारी के लिए देखे ये वीडियो...
इस बजट में जिनकी टैक्सेबल इनकम 2 से 5 करोड़ के बीच है, उनपर सरचार्ज 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया है. जिनकी टैक्सेबल इनकम 5 करोड़ से भी ज्यादा है, उनपर 37 फीसदी सरचार्ज लगाने का प्रस्ताव लाया गया है.
मंगलवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 72.90 रुपये और डीजल की कीमत 666.49 रुपये है.
कर लगने की आशंका से एफपीआई द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से शेयर बाजार में बिकवाली का भारी दबाव दिखा.
प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.54 बजे 416.60 अंकों की गिरावट के साथ 39,096.79 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 116.65 अंकों की कमजोरी के साथ 11,694.50 पर कारोबार करते देखे गए.
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पेश हुआ पहला पूर्णकालिक बजट कई मायनों में खास रहा. लेकिन इस दौरान सबसे ज्यादा किसी चीज ने ध्यान खींचा तो वह था वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लाल बैग.
ज़ी न्यूज के इस सेगमेंट में देखिए आज की 50 बड़ी खबरें...
कवि युद्ध 2019 में देखिए केंद्रीय बजट 2019-20 पर 'कवियों का कविता वाला बजट'. ज्यादा जानकारी के लिए देखे ये वीडियो...
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 2019-20 का बजट उच्च आर्थिक वृद्धि दर के रास्ते पर देश के लौटने को लेकर रूपरेखा पेश करता है. उन्होंने शनिवार को कहा कि बजट इस बात पर आधारित है कि जो अर्थव्यवस्थाएं सूझबूझ वाली राजकोषीय नीतियां अपनाती हैं, वो राजकोषीय मोर्चे पर लापरवाही करने वालों की तुलना में अंतत: पुरस्कृत होती हैं.
मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि 'महंगाई भगवान राम ने बढ़ाई है, क्योंकि यह चुनाव भगवान राम के नाम पर लड़ा गया था, लेकिन अब भगवान राम भी आज-कल काफी परेशान हैं क्योंकि उनका मंदिर आज तक नहीं बना.'
उन्होंने कहा, "आखिर फाइव ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य का मतलब क्या है, एक आम भारतीय की जिंदगी का इससे क्या लेना-देना है. यह आपके लिए, सबके लिए जानना बहुत जरूरी है.
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट पर उद्योगजगत की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही. ज्यादातर उद्योगपतियों ने बजट को लंबी अवधि की सोच पर आधारित और भविष्योन्मुख बताया है.
इस बजट को प्रदेश के लोगों ने आम लोगों की उम्मीदों के मुताबिक बताया है. वही, प्रदेश के व्यवसाइयों ने इस पर अपनी मिश्रित प्रतिक्रिया दी है.
05 जुलाई को संसद में बजट पेश होने के बाद प्रदेश के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.