Electricity Price: जम्मू कश्मीर में सेक्शन 370 हटने के बाद से काफी बदलाव देखने को मिले हैं. वहीं जम्मू कश्मीर में लोगों को बिजली मुहैया करवाने के लिए भी लगातार प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं. अब जम्मू कश्मीर के लोगों को उपलब्ध करवाई जाने वाली बिजली को लेकर अहम अपडेट सामने आया है. दरअसल, प्रशासन लोगों को बिजली दे तो रहा है लेकिन इससे उनका घाटा भी बढ़ गया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...


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जम्मू कश्मीर प्रशासन


केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर प्रशासन पिछले वर्षों की तुलना में लोगों को अधिक बिजली देने में सक्षम है, लेकिन घाटा भी बढ़ गया है. वहीं प्रशासन की ओर से गरीबी रेखा से नीचे के ग्राहकों के लिए कम कीमत में बिजली मुहैया करवाई जा रही है. इससे गरीब लोगों को फायदा भी हो रहा है.


नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना


मनोज सिन्हा ने कहा कि लद्दाख में हाल में स्वीकृत 13 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना से जम्मू-कश्मीर को बहुत फायदा होगा. इससे पनबिजली पर निर्भरता कम हो जाएगी, जिसकी आपूर्ति सर्दियों के दौरान कम हो जाती है. सिन्हा ने कहा, ''पिछले तीन वर्षों में हमारी पारेषण और वितरण क्षमता में काफी वृद्धि हुई है. हम लोगों को पहले की तुलना में अधिक बिजली देने में सक्षम हैं, लेकिन यह भी हकीकत है कि हमारा घाटा बढ़ गया है.''


ये है आगे का प्लान


उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर लगभग 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदता है, लेकिन गरीबी रेखा से नीचे के ग्राहकों को 1.25 रुपये प्रति यूनिट की दर से आपूर्ति करता है. सिन्हा ने कहा कि श्रीनगर और जम्मू में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. जिन क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लग जाएंगे, वहां न्यूनतम कटौती करने की कोशिश की जाएगी. (इनपुट: भाषा)