Tata Group Plan:  रतन टाटा की कंपनी टाटा समूह ने पावर सेक्टर में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने के लिए बड़ा प्लान बनाया है. देश का सबसे बड़ा औद्योगिक समूह टाटा ग्रुप (Tata Group) ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर ली है. टाटा समूह ने पॉवर सेक्टर में बड़े निवेश का प्लान बनाया है. टाटा पावर अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर का अधिकांश पैसा अब रिन्युएबल एनर्जी में खर्च करने की तैयारी कर रही है. कंपनी ने इसके लिए 20000 करोड़ का प्लान तैयार कर लिया है. टाटा का यह प्लान मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की टेंशन  बढ़ा सकता है. रतन टाटा की कंपनी मौजूदा वित्त वर्ष में हर घंटे करीब 2.28 करोड़ रुपये खर्च करेगी.  


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क्या है टाटा का प्लान  


टाटा समूह की कंपनी टाटा पावर  ने वित्त वर्ष 2024-25 में कैपिटल एक्सपेंडितर के लिए 20,000 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की है. बता दें कि ये रकम पिछले वित्तीय वर्ष से दोगुनी है. 20 हजार करोड़ की इस रमक का अधिकांश हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को मजबूत करने पर खर्च किया जाएगा. टाटासंस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन में इस बारे में शेयरहोल्डर्स की मीटिंग में जानकारी दी. बता दें कि पिछले साल कंपनी ने 12 हजार करोड़ खर्च किए थे.  चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा पावर दूसरे राज्यों में वितरण विस्तार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी निवेश करेगी.  


अंबानी -अडानी की बढ़ेगी टेंशन 


टाटा पावर के इस कदम से रिलायंस और अडानी समूह की टेंशन बढ़ने वाली है . मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस और गौतम अडानी की कंपनी अडानी पावर ने इस सेक्टर में मोटा निवेश किया हुआ है. टाटा के इस सेक्टर में निवेश बढ़ाने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ग्रीन एनर्जी में 75 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है, वहीं अडानी समूह ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में साल 2030 तक 2.3 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है.  अब इस सेक्टर में टाटा के निवेश बढ़ाने से कंपनियों के बीच कॉम्पिटिशन बढ़ेगा .