Why space left in cold drink bottles: कोल्ड ड्रिंक गर्मियों में खूब पी जाती है. हम खरीदकर भी लाते हैं या मंगाते हैं, लेकिन इसे पीने के अलावा इसकी दूसरी चीजों पर हम शायद ही ध्यान देते हों, आज हम आपको इससे जुड़ी एक खास चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद ही आपने कभी सुना हो या पढ़ा हो या फिर इसपर ध्यान दिया हो. 


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ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ किसी एक ब्रांड की कोल्ड ड्रिंक के साथ है, यह दुनिया की हर कोल्ड ड्रिंक के साथ है कि उसकी बोतल को पूरा नहीं भरा जाता है. अब इसके पीछे भेड़ चाल कहें या फिर कोई साइंटिफिक रीजन. इसी के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर कोल्ड ड्रिंक की बोतल को पूरा क्यों नहीं भरा जाता है. 


आपने भी कभी न कभी कोल्ड ड्रिंक तो पी ही होगी. यह आमतौर पर प्लास्टिक की बोतल में आती है. अगर आपने ध्यान दिया होगा तो पाया होगा कि बोतल को उसके मुंह तक नहीं भरा जाता है. ये बोतल हमेशा थोड़ी सी खाली ही रहती हैं. ब्रेनली वेबसाइट की मानें तो बोतल के ढ़क्कन और लिक्विड के बीच की खाली जगह अगर न हो तो उससे बोतल के फटने का खतरा होता है. 


कोल्ड ड्रिंक्स को पैक करते वक्त उन्हें बिलो रूम टेंपरेचर में ठंडा कर पैक किया जाता है. इसके बाद कई बार बोतलों को धूप में या किसी दूसरे तरह के गर्म टेंपरेचर में भी छोड़ दिया जाता है. इसकी वजह से बोतल के टेंपरेचर में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है. कोल्ड ड्रिंक के अंदर कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी गैस मिली होती है. जिसके चलते बोतल का तापमान बढ़ते ही गैस बाहर आ जाती है और ड्रिंक भी बाहर आ जाती है. इसी वजह से बोतल पूरी नहीं भरी जाती है.