DU Admission 2022: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयासों के बावजूद इस शैक्षणिक सत्र में 70,000 सीटें भरने में विफल रहा है. डीयू के सभी कॉलेजों में कुल मिलाकर 7 प्रतिशत सीटें खाली रह गई हैं. शनिवार को विश्वविद्यालय में 2022-23 शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले का आखिरी दिन था. एक अधिकारी ने कहा कि इस शैक्षणिक सत्र में लगभग 65,000 छात्रों को अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में एडमिशन दिया गया है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में 11,300 पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को शामिल किया है.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

डीयू के डीन ऑफ एडमिशन हनीत गांधी ने कहा, "हम शैक्षणिक सत्र के लिए 70 कॉलेजों में लगभग 65,000 सीटें भरने में सफल रहे हैं. आज दाखिले का आखिरी दिन था." यह पहली बार है कि विश्वविद्यालय ने छात्रों के कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर प्रवेश लेने की पुरानी प्रथा को छोड़ते हुए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के माध्यम से छात्रों को एडमिशन दिया है.


नई एडमिशन प्रक्रिया के माध्यम से, डीयू ने 67 कॉलेजों, विभागों और केंद्रों में 79 अंडरग्रेजुएट कार्यक्रमों में छात्रों को एडमिशन दिया है. कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) 2022 के माध्यम से एडमिशन देने के लिए विश्वविद्यालय ने सितंबर में एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का अनावरण किया था. CSAS के माध्यम से प्रवेश तीन चरणों में आयोजित किए गए थे, जिसमें आवेदन पत्र जमा करना, कार्यक्रमों का चयन करना व प्रेफरेंस भरना और सीट आवंटन के बाद एडमिशन देने जैसी प्रक्रिया शामिल थी.


डीयू ने काउंसलिंग के पहले दौर में अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में अधिकतम सीटों को भरने के लिए "अनारक्षित" और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणियों के तहत 20 प्रतिशत और एससी-एसटी (SC-ST) वर्ग में 30 प्रतिशत अतिरिक्त छात्रों को एडमिशन दिया है.