शव के साथ 6 महीने से रह रहा था परिवार, बेटा करता था शव को जीवित करने की कोशिश
Advertisement
trendingNow0/india/bihar-jharkhand/bihar471615

शव के साथ 6 महीने से रह रहा था परिवार, बेटा करता था शव को जीवित करने की कोशिश

गिरिडीह में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसके बारे में जानकर शायद आप भी हैरान रह जाएंगे. दरअसल गिरिडीह के इंदिरा कॉलोनी में एक परिवार 6 महीनों से शव के साथ रह रहा था.

गिरिडीह के इंदिरा कॉलोनी में एक परिवार 6 महीनों से शव के साथ रह रहा था.

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसके बारे में जानकर शायद आप भी हैरान रह जाएंगे. दरअसल गिरिडीह के इंदिरा कॉलोनी में एक परिवार 6 महीनों से शव के साथ रह रहा था. वहीं, मृतक के बेटे का दावा था कि वो अपने पिता जीवित कर देगा इसलिए अंतिम संस्कार नहीं कर रहा था. मिली जानकारी के अनुसार मृतक विश्वनाथ और उसकी बेटी टयूशन पढाते थे. 

उसके घर में कई बच्चे पढ़ने आते थे. बच्चे जब घर से दुर्गंध आने की बात कहते तो ममता और घर के बाकी सदस्य सुगंधित अगरबत्ती जलाकर या रूम फ्रेशनर छिङक कर दुर्गंध को दूर करते थे. बताया गया कि जनवरी में विश्वनाथ की तबियत खराब होने की जानकारी मिली थी उसके बाद से किसी ने विश्वनाथ को नहीं देखा था. जब भी आस-पास के लोग विश्वनाथ के बारे में पूछते थे तो घरवाले कहते थे कि उनका इलाज चेन्नई के अस्पताल में चल रहा है.

fallback

पड़ोसियों कहा कि कुछ महीने से विश्वनाथ के घर से लगातार दुर्गंध आती थी. विश्वनाथ का 35 वर्षीय बेटे प्रशांत सिन्हा को पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किया है. प्रशांत को लेकर लोगों के मन में काफी गुस्सा था. लोगों का आरोप है कि प्रशांत नरपिशाच है. कुछ लोग प्रशांत को मानसिक रोगी भी बता रहे थे. 

वहीं, मृतक की पत्नी अनू कुमारी सिन्हा का कहना है कि पति की मौत होने के बाद उसका बेटा बार-बार कहता था कि वह अपने पिता को जीवित कर देगा. जब वो लोग इसकी सूचना मुहल्ले के लोगों को देने की बात करती तो प्रशांत उनके साथ मारपीट भी करने लगता.

अनु का कहना है कि मौत के कई माह तक शव को लेकर प्रशांत घर नहीं आया था. अनु का कहना है कि दो दिनों पहले ही शव को लाया गया था लेकिन कोई भी अनू की बात पर विश्वास नहीं कर रहे हैं. पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है.