बिहार में विवाद में कमी आई, लेकिन दुर्घटना के बाद हंगामा होना दुर्भाग्यपूर्ण: नीतीश कुमार

सबसे पहले मुख्यमंत्री ने एमएमपी बिहार द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. उसके बाद परेड की सलामी लेते हुए एमएमपी को खूब सराहा. मुख्यमंत्री के सामने घुड़सवारों ने करतब दिखाए.

बिहार में विवाद में कमी आई, लेकिन दुर्घटना के बाद हंगामा होना दुर्भाग्यपूर्ण: नीतीश कुमार
आरा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किए नीतीश कुमार. (फाइल फोटो)

आरा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज यानी गुरुवार को भोजपुर जिला के मुख्यालय आरा के एमएमपी ग्राउंड में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किए. मौका था एमएमपी बिहार के शताब्दी समारोह का. इस मैके पर एमएमपी ग्राउंड को दुल्हन की तरह सजाया गया था. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नीतीश कुमार शामिल हुए. 

सबसे पहले मुख्यमंत्री ने एमएमपी बिहार द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. उसके बाद परेड की सलामी लेते हुए एमएमपी को खूब सराहा. मुख्यमंत्री के सामने घुड़सवारों ने करतब दिखाए.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि कल जो व्यवस्था थी वो आज नहीं है. सबकुछ बदल गया है. आज हर व्यक्ति टेक्नोलॉजी के सहारे अपना काम निबटा रहा है. उन्होंने बात ही बात में बिहार पुलिस को भी कई निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि हर जगह इस करतब का प्रदर्शन करवाया जाए.

इस मौके पर डीजीपी गुप्तेशवर पांडेय, अपर मुख्य सचिव भी मौजूद रहे. सर्वप्रथम अश्वरोही सैन्य पुलिस बिहार से संबंधित प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया. साथ ही लोहे की बनी घोड़े की प्रतिमा का लोकार्पण किया औक परेड की सलामी ली.

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सौ साल पहले 1919 में इसकी शुरुआत हुई. टाल के इलाके में कृषि के समय अश्वरोही पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है. तकनीक आने के बावजूद अश्वरोही सैन्य पुलिस की भूमिका बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि अपराध अनुसंधान में तकनीक आने के बावजूद पुराने तरीके व्यवहार में बने रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के प्रति सरकार अत्यंत गंभीर है. 2007 में निर्मित पुलिस एक्ट में लॉ एंड ऑर्डर एवं अनुसंधान की जिम्मेदारी अलग-अलग की है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपसी झगड़े और विवाद में कमी हुई है. मगर दुर्घटना के बाद हंगामा होता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. इन हंगामे का कोई अर्थ नहीं होता. ऐसे मामलों के प्रति लोगों में जागरुकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास से समस्याओं का हल निकलेगा. उन्होंने सुझाव दिया है कि अश्वरोही पुलिस की भूमिका जन जागरुकता में बढ़नी चाहिए.