कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर ने पार्टी के इन नेताओं के खिलाफ खोला मोर्चा...

कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह धीरज ने ने प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, सांसद अखिलेश सिंह समेत 4 नेताओं को पार्टी का हत्यारा बताया है.

कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर ने पार्टी के इन नेताओं के खिलाफ खोला मोर्चा...
बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष है श्याम सुंदर सिंह धीरज.

पटनाः लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा के लिए बुलायी गयी कांग्रेस जिलाध्यक्षों की बैठक पार्टी में बवाल की बडी वजह बन गयी है. बैठक ने शामिल रहे कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह धीरज ने समीक्षा बैठक को लेकर बडा बयान दे दिया है. धीरज ने प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, सांसद अखिलेश सिंह समेत 4 नेताओं को पार्टी का हत्यारा बताया है. इतना ही धीरज ने ये भी आरोप लगाया है कि अखिलेश सिंह ने चुनाव में अपनी काली करतूतों को छुपाने के लिए हर फैसले पर राहुल गांधी की सहमति को जिम्मेवार ठहरा दिया है. जिसे बिहार का कोई भी कांग्रेसी बर्दास्त नहीं करेगा. 

हार के कारणों को लेकर रविवार को हुई कांग्रेस जिलाध्यक्षों की समीक्षा बैठक ने कांग्रेस पार्टी के संकट को और गहरा दिया है. पार्टी के नेता अपनी हार की समीक्षा तो नहीं कर पाये लेकिन नये विवादों पर से पर्दा जरुर उठा रहे हैं. दरअसल कांग्रेस की समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिलाध्यक्षों ने एकमत से महागठबंधन से अलग होने और पार्टी को अकेले अपनी राह चलने की वकालत की थी. लेकिन बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक में बनी आम सहमति से बिलकुल उल्टा मीडिया को बयान देते हुए महागठबंधन की एकजुटता का दावा कर दिया. ये खुलाशा किया है बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह धीरज ने.

श्याम सुंदर सिंह धीरज खुद उस बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष होने के नाते मौजूद थे. धीरज ने आरोप लगाया है कि सांसद अखिलेश सिंह ने चुनाव के दौरान अपनी की गयी सभी काली करतूतों पर पर्दा डालने के लिए सारी जिम्मेवारी राहुल गाधी पर थोप दी है. कांग्रेस नेता ने कहा है कि बेटे को टिकट दिलाने का मामला हो या फिर सहयोगियों को ज्यादा सीट दिलाने का या टिकट दिलवाने के नाम पर दलाली खाने का अखिलेश सिंह ने कहा है कि सारी गतिविधी राहुल गांधी की मंजूरी पर हुई है. जो सरासर गलत है. धीरज ने प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, अखिलेश सिंह, सदानंद सिंह और मदन मोहन झा पर पार्टी की हत्या का आरोप लगाया है और पार्टी को बचाने के लिए तत्काल इन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की अपील की है.

श्याम सुंदर सिंह धीरज ने कहा कि पार्टी में वर्तमान नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह न हो इसी कारण से किसी भी जिलाध्यक्ष को अब तक चिट्ठी नहीं दी गयी है. जबकि संगठन चुनाव कब के खत्म हो चुके हैं.धीरज ने कहा है कि पार्टी को करोडपति नेता की नहीं गरीब कार्यकर्ताओं की जरुरत है. पार्टी मुझे रखे या निकाल दे लेकिन मैं सच बोलूंगा.

रविवार को हुई समीक्षा बैठक पर सवाल इसलिए भी खडे हो रहे हैं क्योंकि बैठक की समीक्षा के लिए न तो कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल मौजूद थे और न ही दोनो प्रभारी सचिव. ऐसे में सवाल ये उठते है कि बिना आलाकमान के प्रतिनिधी के आखिर कैसे हार की समीक्षा हो गयी. और किसी ने अबतक हार की जिम्मेवारी क्यों नहीं ली है.