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अलकतरा घोटाला : CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला, पूर्व मंत्री सहित 7 दोषियों को 5-5 साल की सजा

मंगलवार को इस मामले में सुनवाई पूरी हो गई थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसले की तारीख 22 फरवरी को तय की थी. 

अलकतरा घोटाले में पूर्व मंत्री को सजा. (फाइल फोटो)
अलकतरा घोटाले में पूर्व मंत्री को सजा. (फाइल फोटो)

रांची : 22 साल पुराने एक करोड़ 57 लाख के अलकतरा घोटाले में सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन सहित सात आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाया है. इलियास हुसैन को कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाने के साथ-साथ 20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले में उनके अलावा शहाबुद्दीन बेक, केदार पासवान, मुज्तबा अहमद, रामानंद राम, शोभा सिन्हा और डीएन सिन्हा को पांच-पांच साल की सजा के साथ-साथ आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है.

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. कोर्ट ने मुज्तबा अहमद के गैरहाजिर रहने पर वारंट जारी किया है. डीएन सिंह को सबसे अधिक 60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

मंगलवार को इस मामले में सुनवाई पूरी हो गई थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसले की तारीख 22 फरवरी को तय की थी. सीबीआई ने 1997 में चारा घोटाला के आरोप में मामला दर्ज किया था. इसमें बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया था.   

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पटना हाइकोर्ट ने फरवरी 1997 में घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था. 3266 मिट्रिक टन अलकतरा घोटाले को लेकर 1997 में अलग-अलग पांच प्राथमिकी दर्ज किए गए थे. सितंबर 2018 में इलियास हुसैन को एक अन्य मामले में सीबीआई कोर्ट ने ही चार साल की सजा सुनायी थी.

1994 में चतरा में सड़कों का निर्माण किया जा रहा था. इसके लिए हल्दिया ऑयल रिफाइनरी कोलकाता से अलकतरा मंगाए जाने थे. इसी में तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री और इंजीनियरों ने कंपनी से साठ-गांठ कर करोड़ों का घोटाला किया गया था. लगभग 3266 मीट्रिक टन अलकतरा को अवैध तरीके से बेच दिया गया था. उस दौर में इसकी कीमत एक करोड़ 57 लाख के करीब थी.

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