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गया में महादलित बच्चें हैं बुनियादी शिक्षा से वंचित, क्लास रूम में नहीं मिलता प्रवेश

पुलिस लाइन स्थित इस महादलित बस्ती के दर्जनों महिला पुरुष ने स्थानीय स्कूल पर यह आरोप लगाया की उनके बच्चों को गन्दे और रहन सहन के कारण स्कूल की कक्षा के बाहर बिठाते है तो कुछ ने कहा कि नामांकन तक नहीं लेती है. 

गया में महादलित बच्चें हैं बुनियादी शिक्षा से वंचित, क्लास रूम में नहीं मिलता प्रवेश
गया में महादलित बच्चों को स्कूल के क्लास रूम में प्रवेश नहीं मिलता है.

गयाः बिहार के गया शहर के वार्ड संख्या 34 के महादलित बस्तियों के बच्चे बुनियादी शिक्षा से वंचित है. सरकार भले हीं गरीबो, दलित और महादलित परिवारों को विभिन्न लाभकारी सरकारी योजनाओं के तहत बड़े-बड़े सपने दिखा रही है, लेकिन यह झुग्गी झोपड़ियो में रहने वाले इस बस्ती के लोगो ने जो बताया वह सरकार को मुंह चिढ़ाने के लिए काफी है. 

पुलिस लाइन स्थित इस महादलित बस्ती के दर्जनों महिला पुरुष ने स्थानीय स्कूल पर यह आरोप लगाया की उनके बच्चों को गन्दे और रहन सहन के कारण स्कूल की कक्षा के बाहर बिठाते है तो कुछ ने कहा कि नामांकन तक नहीं लेती है. बताया कि पास के मोहल्ले में राजकीय हिंदी मध्य विद्यालय में जब बच्चों का नामांकन कराने जाते है तो नहीं लिया जाता है.

वहीं, कुछ ऐसे भी बच्चे हैं जिनका नामांकन तो स्कूल में हो गया लेकिन वह स्कूल नहीं जाते हैं. बताया कि गन्दे कपड़े और रहन सहन को देख स्कूल की अन्य छात्रा तो चिढ़ाती ही है साथ ही साथ स्कूल की महिला प्रभारी शिक्षिका भी भेदभाव करती है. कभी स्कूल से वापस लौटा दिया जाता है. कभी क्लासरूम के दरवाजे पर बिठा दिया जाता है. 

बच्चियां पढ़ना तो चाहती है लेकिन जाति रोड़ा बनकर सामने आ जाती है. जिसे चाह कर भी वह कुछ नहीं कर सकती है. इस बस्ती के बच्चों को पढ़ाने के लिए कुछ महीने पहले एक अस्थायी स्कूल भी खोला गया था. जिसमें शिक्षक आते थे और बच्चे पढ़ते थे जो अब बन्द है.

इस सम्बंध में राजकीय हिंदी मध्य विद्यालय की प्रिंसिपल ने बताती हैं की स्वच्छता के लिए काफी ध्यान दिया जाता है. कुछ बच्चे गन्दे कपड़े में आते है तो वापस उन्हें घर भेजते है बाल को ठीक से करके आना. चुकी डबल ड्रेस है इसलिए मानती है कि महादलित टोले के बच्चे गन्दे कपड़े में स्कूल आती है. लेकिन क्लासरूम में अलग बिठाने और नामांकन नहीं करने की बात से साफ इंकार कर दिया.

स्कूल की शिक्षिका के द्वारा जातीय भेदभाव किये जाने के सवाल पर मगध प्रमंडल आयुक्त ने कहा की इसकी शिकायत आपके माध्यम से मिली है. एक जांच दल का गठन करके इसकी जांच कराई जाएगी. अगर मामला सत्य हुआ तो इसके लिए जो भी उत्तरदायित्व होंगे उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो यह सुनिश्चित कराई जाएगी.