close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

बिहार: मधेपुरा को डरा रहा डेंगू का डंक, अभी तर 150 मामले आए सामने

हालांकि सरकारी अस्पतालों में अभी तक डेंगू बुखार से पीड़ित मरीजों के सिर्फ 4 मामले दर्ज किए गए हैं. 

बिहार: मधेपुरा को डरा रहा डेंगू का डंक, अभी तर 150 मामले आए सामने
मधेपुरा में डेंगू ने पसारे पांव. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मधेपुरा: बाढ़ और बारिश की तबाही का सामना कर रहे बिहार में अब डेंगू के डंक ने हड़कंप मचा दी है. लोग तेजी से डेंगू के डंक का शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. मधेपुरा जिला भी डेंगू से बुरी तरह प्रभावित है. जिले में खतरनाक बीमारी डेंगू के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं. गैर आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मधेपुरा में डेंगू के 150 मामले सामने आये हैं. यह भी बताया जा रहा है कि निजी अस्पतालों में रोज करीब 4 से 5 डेंगू के मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं. 

हालांकि सरकारी अस्पतालों में अभी तक डेंगू बुखार से पीड़ित मरीजों के सिर्फ 4 मामले दर्ज किए गए हैं. ग्वालपाड़ा और बिहारीगंज प्रखंड ज्यादा प्रभावित माना जा रहा है. डेंगू के मरीजों की बड़ी संख्या के सामने आते ही जिले का स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है.

डेंगू के डंक को बेअसर करने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने कमर कस ली है. सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू से निपटने के लिए अस्पताल में सभी तरह के इंतजाम कर लिए गए हैं. डेंगू से निपटने के सभी सिस्टम को तैयार करने के साथ अस्पताल में सही जांच प्रक्रिया, डेंगू किट और दवाइयों का भी पुख्ता इंतजाम किया गया है.

सदर अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम बनाकर डेंगू के डंक को फैलने से रोकने के लिए ग्वालपाड़ा और बिहारीगंज प्रखंडों के लिए रवाना की गयी है. इस दल में डेंगू के प्रोग्राम पदाधिकारी भी शामिल हैं. सिविल सर्जन ने जल्दी ही डेंगू पर काबू कर लेने का भरोसा जताया है. डेंगू बीमारी के स्पेशलिस्ट प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ.अशोक चौधरी के अनुसार सदर अस्पताल में अब तक मात्र 3 से 4 मामले आये हैं. इन मरीजों में डेंगू बुखार फर्स्ट स्टेज में है. जिले के सभी पीएसी को अलर्ट कर दिया गया है.

हालांकि स्थानीय लोग सरकारी अस्पतालों में डेंगू से निपटने के लिए की गयी तैयारियों से खुश नजर नहीं आ रहे हैं. उनका कहना है कि सदर अस्पताल में न सिर्फ अच्छे डॉक्टरों बल्कि अन्य संसाधनों की भी भारी कमी है. ऐसे में मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख करने को मजबूर हैं. जिले के लोग डेंगू के डंक की आशंका से डरे हुए हैं. अब जिले के लोग यही दुआ कर रहे हैं कि जल्दी से डेंगू के डंक को काबू में किया जाये ताकि उन्हें इस खतरनाक बीमारी से राहत मिल सके. लेकिन, उसके लिए लोगों को भी सावधान रहने की जरुरत है. 

-- Dhamrendra Mani Rajesh, News Desk