झारखंड में आचार संहिता के कारण बंद हुई सस्ती प्याज की बिक्री, EC ने लगाया रोक

भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रवक्ता दिनदयाल वर्नवाल ने बताया कि अगर झारखंड में बिस्कोमान और नाफेड के द्वारा सस्ती दरों पर प्याज बेची जा रही है तो निश्चित तौर पर इससे जनता को फायदा होगा.

झारखंड में आचार संहिता के कारण बंद हुई सस्ती प्याज की बिक्री, EC ने लगाया रोक
चुनाव आयोग ने सस्ती प्याज बेचने पर लगाया रोक. (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के कई शहरों में बिक बिस्कोमान सस्ती दरों पर प्याज (Onion Price) बेच रहा था. लेकिन चुनाव आयोग ने इसे आचार संहिता (Model Code of Conduct) का उल्लंघन माना है और कारण बताओ नोटिस भी थमा दिया. विपक्ष के द्वारा कई बार इस मामले में सवाल उठाया गया था. चुनाव आयोग से इसकी शिकायत भी की गई थी. ज्ञात हो कि बिस्कोमान के द्वारा 35 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज बेचा जा रहा था.

झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections 2019) के कारण पूरे राज्य में लागू आचार संहिता को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने बिस्कोमान द्वारा सस्ती दरों पर प्याज बेचना पर पूरी तरह से रोक लगा दिया है. साथ ही नोटिस भी जारी कर दिया गया है.

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चुनाव आयोग के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रवक्ता दिनदयाल वर्नवाल ने बताया कि अगर झारखंड में बिस्कोमान और नाफेड के द्वारा सस्ती दरों पर प्याज बेची जा रही है तो निश्चित तौर पर इससे जनता को फायदा होगा. अगर चुनाव आयोग आचार संहिता लगा रहा है तो इसका पालन भी करना पड़ेगा. उन्होंने इसी बहाने विपक्ष पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कोई संस्था अगर सस्ती दर पर प्याज बेच रही है तो इससे जानता को फायदा होगा लेकिन, विपक्ष बौखला रहा है. इन्हें जनता की हित से नहीं बल्कि, सिर्फ और सिर्फ राजनीति से मतलब है. 

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता शमशेर आलम ने कहा कि सरकार के इस कदम से एक पार्टी को फायदा हो रहा है. अभी चुनाव आयोग ने कदम उठाया है. जब प्याज की कीमत 80 रुपये थी, उस समय सरकार की नींद नहीं खुली. बिस्कोमान के माध्यम से आम जनता के दरवाजे पर उपलब्ध नहीं कराया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्याज जमाखोरों की समर्थक है.

वहीं, आजसू (AJSU) के प्रवक्ता जयंत घोष ने बताया कि राजनीतिक दलों को आचार संहिता के नियमों का पालन करना चाहिए. साथ ही शासन और अधिकारी को भी इसका उल्लंघन नहीं करना चाहिए. हम लोगों ने बार-बार चुनाव आयोग और लोगों से अपील की थी कि किसी भी तरह का प्रलोभन चुनाव को प्रभावित कर सकती है. चुनाव आयोग ने इस दिशा में कदम उठाया है.

वही, जेवीएम प्रवक्ता तोहिद आलम ने इसे 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' बताया है. उन्होंने कहा कि पहले साजिश के तहत महंगी प्याज मिल रही थी. अब चुनाव आयोग ने रोक लगा दिया है तो बीजेपी पूरी तरह से बौखला गई है.