बिहार: पटना विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव के लिए नामांकन शुरू, छात्राओं को तरजीह

 20 महीने के अंदर तीसरी बार हो रहे छात्रसंघ चुनाव को लेकर माहौल बनने लगा है. जीतने के लिए नए तरीकों का सहारा लिया जा रहा है. यूनिवर्सिटी में किसी भी छात्र संगठनों को जीतने के लिए छात्राओं के बीच पैठ बनाना जरूरी होता है. 

बिहार: पटना विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव के लिए नामांकन शुरू, छात्राओं को तरजीह
20 महीने के अंदर तीसरी बार हो रहे छात्रसंघ चुनाव को लेकर माहौल बनने लगा है.

पटना: पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव की औपचारिक तौर से घोषणा हो गई है. 20 महीने के अंदर तीसरी बार हो रहे छात्रसंघ चुनाव को लेकर माहौल बनने लगा है. जीतने के लिए नए तरीकों का सहारा लिया जा रहा है. यूनिवर्सिटी में किसी भी छात्र संगठनों को जीतने के लिए छात्राओं के बीच पैठ बनाना जरूरी होता है. इस बार चुनाव में तमाम छात्र संगठन इस बार के चुनाव में छात्राओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की बात कर रहे हैं.

पटना यूनिवर्सिटी में करीब 55 फीसदी संख्या छात्राओं की है और इसमें पटना विमेंस और मगध महिला जैसे अहम गर्ल्स कॉलेज हैं. 21 हजार 234 मतदाताओं वाले पटना विश्वविद्यालय में सिर्फ पटना वीमेंस कॉलेज और मगध महिला कॉलेज में ही 8145 छात्रा वोटर हैं जबकि यूनिवर्सिटी के दूसरे अलग कॉलेज में भी छात्रा बड़ी संख्या में पढ़ाई करती हैं. 

छात्र संगठन भी इस चीज को मानते हैं लिहाजा उनका पूरा जोर छात्राओं की मांग और उनकी समस्याओं पर हैं. छात्र संगठनों का भी दावा है कि इस बार सेंट्रल पैनल के पांच पदों आबादी के हिसाब से छात्राओं को उम्मीदवार बनाया जाएगा.

हालांकि नतीजों पर गौर करें तो ऐसा नहीं लगता है. छात्र संगठन भले ही दावा करें कि, छात्राओं को जगह दी जाएगी लेकिन अध्यक्ष और महासचिव जैसे अहम पदों पर छात्र ही जीतते रहे हैं. साल 2018 के फरवरी में संपन्न छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय दिव्यांशु भारद्वाज चुनाव जीते थे जबकि इसी साल दिसंबर में हुए चुनाव में अध्यक्ष पद पर मोहित प्रकाश चुनाव जीतने में कामयाब रहे.

खास बात ये रही कि दोनों बार उपाध्यक्ष पद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समर्थन वाली ही महिला उम्मीदवार जीतने में कामयाब रहीं. छात्राएं भी मानती हैं कि केवल कहने के लिए उनके हितों की बात करते हैं टिकट बंटवारे के वक्त छात्राओं के हिस्से को गौण कर दिया जाता है.

छात्र संघ चुनाव के लिए आज से नामांकन भी शुरू हो गया है. सेंट्रल पैनल के पांच और काउंसलर की 25 सीटों पर छात्राओं को कितनी जगह मिलती है ये भी कुछ दिन में साफ हो जाएगा लेकिन ये तय है कि अगर छात्राओं ने किसी एक पक्ष या उम्मीदवार के समर्थन में वोटिंग की तो जीत उसी की होगी.