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डॉक्टरों की हड़ताल से बिहार में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बाधित

राज्य में पिछले कुछ दिनों में भीषण गर्मी और लू तथा दिमागी बुखार से 100 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है. 

डॉक्टरों की हड़ताल से बिहार में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बाधित

पटना: बिहार में सोमवार को डॉक्टरों की हड़ताल से चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गयीं. राज्य में पिछले कुछ दिनों में भीषण गर्मी और लू तथा दिमागी बुखार से 100 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है. 

पश्चिम बंगाल के एक अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों पर हाल ही में किए गए हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा आहूत देशव्यापी हड़ताल को बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ का समर्थन हासिल है.

पटना मेडिकल कालेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ राजीव रंजन प्रसाद ने हालांकि अपने अस्पताल में हड़ताल का असर नहीं होने का दावा किया है पर ओपीडी में अन्य दिनों की तुलना में आज कम मरीज देखे जाने की सूचना है. पटना स्थित नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल में भी चिकित्सकों की हड़ताल के कारण आज चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं .

मुजफ्फरपुर जिला स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ सुनील शाही ने बताया कि हड़ताल का रोगी बच्चों के इलाज पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि वे या तो बाल रोग विभाग में या इमरजेन्सी वार्ड में भर्ती हैं . इस अस्पताल में दिमागी बुखार के कारण भर्ती बच्चों में से अब तक 80 की मौत हो चुकी है.

बिहार के अन्य जिलों जहानांबाद, भोजपुर, बेगूसराय, नवादा और सुपौल में चिकित्सकों की हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों सहित निजी अस्पताल और नर्सिंग होम में भी चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं.