close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

भोजपुर में अजीबो गरीब मामला, दफनाने गए बच्चे के शव को परिजनों ने बताया जिंदा

 एक बच्चे की मौत की पुष्टि चिकित्सकों द्वारा कर दी गई और जब बच्चे को दफनाने की प्रक्रिया चल रही थी तो अचानक मृत बच्चा जिंदा हो गया. 

भोजपुर में अजीबो गरीब मामला, दफनाने गए बच्चे के शव को परिजनों ने बताया जिंदा
भोजपुर में बच्चे के शव को जिंदा बताया गया.

भोजपुरः बिहार के भोजपुर में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है. जहां एक बच्चे की मौत की पुष्टि चिकित्सकों द्वारा कर दी गई और जब बच्चे को दफनाने की प्रक्रिया चल रही थी तो अचानक मृत बच्चा जिंदा हो गया. बच्चे को जिंदा देख परिजन आनन फानन में चिकित्सक को दिखाने के बजाए जादू टोना का प्रकोप समझ उक्त बच्चे को तांत्रिक के पास ले गए, लेकिन कुछ देर बाद बच्चे की फिर से मृत्यु हो जाती है.

बच्चे को मृत घोषित करने के बाद जिंदा होने की खबर से इलाके में हलचल मच गई. वहीं, इसे परिवार वाले डॉक्टर की गलती मान रहे हैं. हालांकि बच्चे की जिंदा होने की बात का पुष्टि मृत बच्चे के परिवार वाले ही कर रहे हैं. वहीं, चिकित्सक महज इसे एक सिनटम मान रही है.

बताया जा रहा है कि गजराजगंज ओपी क्षेत्र के चौकीपुर गांव निवासी राजगृह पासवान के पोते सोहित कुमार की अचानक गुरुवार को मृत्यु हो गई. जब परिवार वाले सोहित के शव को दफनाने के लिए ले गए तो अचानक मृत बच्चे का आंख खुला और उसका पल्स चलने लगा. ऐसा परिवारवालों का कहना है. 

मृत बच्चे के परिजनों ने बताया कि जब बच्चे का आंख खुला और उसका पल्स चलने लगा तो गांव के कुछ लोगों ने एक तांत्रिक से मिलने की सलाह दी. जिसके बाद हम लोगों द्वारा बच्चे को लेकर तांत्रिक के पास ले जाया गया. जहां कुछ देर के बाद बच्चे की फिर से मृत्यु हो गई.

इस मामले में मृत घोषित किए गए चिकित्सक डॉक्टर केएन सिन्हा से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब बच्चा को अस्पताल लाया गया था तो बच्चे का प्लस नहीं चल रहा था और शरीर में कुछ मूवमेंट भी नहीं था. पूरी तरह जांच पड़ताल के बाद बच्चे को मृत घोषित किया गया है.

सदर अस्पताल के डीएस और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ सतीश कुमार सिन्हा ने कहा कि इस तरह का की कैसे देखने को मिलता है जहां मृत्यु होने के बाद भी कभी कभी मुंह से झाग या एयर निकलता है. जिसे लोग उक्त व्यक्ति को जिंदा समझ बैठते हैं. यह एक महज सिनटम है चिकित्सक पूरी सतर्कता और जांच करके बच्चे को मृत घोषित किए होंगे.