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झारखंडः जमीन की अवैध खरीद-फरोख्‍त पर लगेगी लगाम, शुरु हुआ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

झारखंड में अब जमीन की अवैध खरीद-फरोख्‍त पूरी तरह से बंद हो जायेगी.

झारखंडः जमीन की अवैध खरीद-फरोख्‍त पर लगेगी लगाम, शुरु हुआ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
जमशेदपुर में ऑनलाइन प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की गई. (प्रतीकात्मक फोटो)

जमशेदपुरः झारखंड में अब जमीन की अवैध खरीद-फरोख्‍त पूरी तरह से बंद हो जायेगी. झारखंड सरकार के भू-राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस दिशा में पहल करते हुए भारत सरकार की एजेंसी नेशनल जेनेरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएस) के सहयोग से एक नया सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसकी लॉन्चिंग जमशेदपुर में बुधवार को की गई. ऐसे में जाहिर है कि जमीन की अवैध खरीद-बिक्री पर रोक लगाने ने सहूलियत होगी. वहीं, सरकार के राजस्व में भी काफी वृद्धि होगी.

जमशेदपुर का निबंधन कार्यालय देश का चौथा राज्य और झारखंड का पहला निबंधन कार्यालय बन गया है. जहां 10 से 15 मिनट में अब जमीन की रजिस्ट्री हो सकेगी. पंजाब, गोवा, मिजोरम के बाद झारखण्ड के जमशेदपुर से NGDRS सिस्टम की शुभारंभ की गई है.

NGDRS की पायलट कार्यक्रम का उद्घाटन महानिरीक्षक निबंधन ए मुत्थु कुमार और पूर्वी सिंहभूम जिला के डीसी अमित कुमार ने संयुक्त रूप से किया. इससे पूर्व केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव मस्तराम मीना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तकनीकी जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिये. मौके पर इस सुविधा का फायदा मिलने वालों को निबंधन के दस्तावेज अधिकारियों द्वारा दी गई. 

आपको बता दे कि यह सॉफ्टवेयर राज्य में भूमि निबंधन के लिए काम करेगी. ज्ञात हो कि झारखंड में जमीन निबंधन जैप आईटी के सहयोग से ई-निबंधन के माध्यम से किया जाता रहा है. ई-निबंधन का डेटा कई बार हैक व क्रैश किया जा चुका है. इसे ही रोकने के उदेश्य से विभाग ने एनजीडीआरएस के साथ काम शुरु किया है.

विभाग के इस सॉफ्टवेयर माध्यम से ऑनलाइन जमीन का निबंधन करेगी. और वह भी सुरुक्षित डेटा के साथ, इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विवादित जमीन और जीएम लैंड (गैर मजरुआ आम जमीन) निबंधन नहीं हो पाएगा. इन जमीनों का निबंधन जैसे ही किसी अधिकारी द्वारा कराने की पहल की जायेगी तो सॉफ्टवेयर उसे स्‍वीकार नहीं करेगा. एनआईसी के सहयोग से विभाग ने झारखंड के सारे जमीन का सर्वे कर डेटा तैयार कर लिया है.

इस सॉफ्टवेयर पर आधार कार्ड, रजिस्ट्रर-2, पैन-कार्ड का भी सत्यापन किया जायेगा. लक्ष्य यह भी तय किया गया है कि अगले दस दिनों के बाद सूबे की सभी जिलों में NGDRS की सुविधा बहाल कर दी जाएगी. आई जी रजिस्ट्रार ने बताया कि इस नई तकनीक से समय की काफी बचत होगी, वही प्रत्येक दिन के ट्रांजेक्शन में भी तीन गुना बढ़ोतरी होगी. 

मौके पर मौजूद पूर्वी सिंहभूम जिला उपायुक्त अमित कुमार ने कहा कि इस नई तकनीक की प्रक्रिया से प्रतिबंधित भूमि, जमीन, ऑनलाइन होने से सरकारी जमीन की अवैध बिक्री रूकेगी, साथ कि राजस्व ने भी काफी इजाफा होगा. 

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला से निबंधन को लेकर शुरू हुई NGDRS तकनीक अब सूबे के अन्य जिलों में 10 दिनों के बाद शुरू किए जाने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है. ऐसे में निबंधन के दौरान समय की बचत होगी, तो वही लोगों को दलालों के शिकंजे से भी मुक्ति मिलेगी. जमीन के अवैध-खरीद बिक्री से जुड़े भू-माफियों पर लगाम लगेगी, साथ ही राज्य के सरकारी खजाने में राजस्व वसूली में भी काफी वृद्धि होगी और राज्य तेजी से विकास की ओर दौड़ेगा.