लालू यादव बर्थडे: राजनीति का वो डॉक्टर जिससे प्यार करें या नफरत लेकिन इग्नोर नहीं कर सकते आप
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लालू यादव बर्थडे: राजनीति का वो डॉक्टर जिससे प्यार करें या नफरत लेकिन इग्नोर नहीं कर सकते आप

लालू प्रसाद यादव राजनीति के वो डॉक्टर हैं जिसे आप पसंद करें या ना करें लेकिन नजरअंदाज नहीं कर सकते. लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री रहे, देश के रेल मंत्री रहे. फिलहाल भी वो बिहार की सबसे बड़ी पार्टी रही आरजेडी के नेता हैं.

 लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री रहे, देश के रेल मंत्री रह चुके हैं और फिलहाल आरजेडी के नेता हैं.

पटना: लालू प्रसाद यादव बिहार में पिछड़ों, दलितों के राजनीतिक उभार के हीरो माने गए हैं. लालू प्रसाद यादव राजनीति के वो डॉक्टर हैं जिसे आप पसंद करें या ना करें लेकिन नजरअंदाज नहीं कर सकते. लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री रहे, देश के रेल मंत्री रहे. फिलहाल भी वो बिहार की सबसे बड़ी पार्टी रही आरजेडी के नेता हैं.
 

आज है 72वां जन्मदिन
चारा घोटाले में उन्हें सीबीआई की स्पेशल कोर्ट से सजा हुई है. आज लालू यादव अपना 72वां जन्मदिन मना रहे हैं और उन्हें अब तक 25 साल से ज्यादा की सजा सुनाई जा चुकी है. सेहत बिगड़ने के कारण इन दिनों उन्हें रांची के एक सरकारी अस्पताल में रखा गया है, जहां वे हफ्ते में सिर्फ तीन लोगों से मिल सकते हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू की पार्टी पूरी तरह साफ हो गई है. 

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हेमा की चिकनी गाल जैसी बिहार की सड़कें
कानून का शिकंजा. बिगड़ती सेहत और घटती सियासी ताकत के साथ लालू अब शायद ही एक्टिव पॉलिटिक्स में वापसी कर पाएं. लेकिन लालू यादव कभी अपने बयानों तो कभी अपने फैसलों के लिए जाने जाते रहे हैं. एक बार बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने कहा था कि वो बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गाल की तरह चिकनी बना देंगे.' उनके इस बयान की चर्चा पूरे देश में हुई थी. 

रातों रात पत्नी को बनाया सीएम
लालू यादव ने 1997 में भांप लिया था कि वो चारा घोटाले मामले में जेल जा सकते हैं. इसलिए उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को अचानक बिहार की मुख्यमंत्री बनाकर पूरे देश को चौंका दिया था. इसके बाद राबड़ी देवी लगतार तीन बार मुख्यमंत्री बनीं लेकिन इसके लिए लालू यादव के इस फैसले की काफी आलोचना भी हुई. 

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जब तक रहेगा समोसे में आलू...
लालू यादव जब मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने एक बयान दिया था कि जब तक समोसे में आलू रहेगा तब तक बिहार में लालू रहेगा. उन्होंने ये भी कहा था कि बिहार में आलू कभी महंगा नहीं होता. उन्होंने कहा था कि आप हर जगह आलू 2 रूपया..आलू 2 रूपया सुनिएगा.

रोक दी थी आडवाणी की रथयात्रा
लालू यादव ने 1990 में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा रोक दी थी. लाल कृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार किया गया था और लालू यादव ने रातों रात बिहार की राजनीति में अपनी पहचान बनाई था.

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नीतीश कुमार से शॉर्ट टर्म दोस्ती
लालू यादव और नीतीश कुमार का साथ आना भी किसी ऐतिहासिक पल से कम नहीं था. कभी लालू यादव और नीतीश कुमार अच्छे दोस्त हुआ करते थे लेकिन नीतीश कुमार उन्हें हराकर बिहार में नया कीर्तिमान स्थापित किया था. दोनों राजनीति में घुर विरोधी हो गए लेकिन 2015 में अचानक दोस्ती कर दोनों ने पूरे देश को आश्चर्यचकित कर दिया लेकिन उसके बाद जो हुआ वो इतिहास बन गया.