लालू यादव से मिलने पहुंचे LJP सांसद, RJD ज्वाइन करने का दिया इशारा

लालू यादव से मिलने के लिए एलजेपी सांसद, आरजेडी विधायक और उनके साले प्रभुनाथ यादव पहुंचे थे.

लालू यादव से मिलने पहुंचे LJP सांसद, RJD ज्वाइन करने का दिया इशारा
एलजेपी सांसद रामा किशोर लालू यादव से मिलने रांची पहुंचे थे.

सौरभ शुक्ला/रांचीः चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के दरबार में शनिवार को फिर कई नेता मुलाकात के लिए पहुंचे थे. जिसमें लालू के साले प्रभुनाथ, एलजेपी सांसद रामा किशोर और आरजेडी विधाक मंगीता देवी शामिल थी. वहीं, सांसद रामा किशोर ने इशारा किया है कि जल्द ही वह आरजेडी में शामिल होंगे.

सासंद रामा किशोर ने लालू यादव से मुलाकात के बाद कहा कि वह उनके स्वास्थ्य के विषय में जानने आए थे. उनकी तबीयत के बारे में केवल जानने के लिए आए थे. वहीं, लोकसभा चुनाव को लेकर कहा कि उन्होंने एलजेपी के टिकट से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला ढाई साल पहले किया था. इसकी घोषणा भी कर चुके हैं. एक बार फिर उन्होंने कहा कि वह एलजेपी के टिकट से चुनाव नहीं लड़ेंगे.

हालांकि उन्होंने इशारा किया कि अब एलजेपी से नहीं लड़ेंगे तो कोई नया घर तो जरूर ही होगा. उन्होंने कहा कि लोकसभा सत्र अभी जारी है और इसके खत्म होने के बाद ही वह इस पर फैसला लेंगे. उन्होंने कहा कि लालू यादव से मेरे व्यक्तिगत अच्छे संबंध हैं. वहीं, उन्होंने वैशाली सीट पर चुनाव लड़ने को लेकर भी बयान दिया है.

उन्होंने वैशाली सीट पर चुनाव लड़ने के बारे में कहा कि अभी तय नहीं है. आरजेडी से वहां रघुवंश प्रसाद सिंह लड़ने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह सभी जगह काम कर चुके हैं इसलिए वह कहीं से भी लड़ सकते हैं. रामा किशोर के इस बयान से साफ हो गया है कि वह आरजेडी से हाथ मिला सकते हैं. और रघवंश प्रसाद सिंह के लिए वैशाली सीट से चुनाव भी नहीं लड़ सकते हैं. हालांकि माना जा रहा है कि आरजेडी से ही वैशाली के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए वह लालू यादव से मिलने आए थे.

वहीं, लालू यादव से मुलाकात के बाद प्रभुनाथ ने जीजा को भगवान बताया. वहीं, बिहार के सीतामढ़ी जिले से रुन्नीसैदपुर से आरजेडी की विधायक मंगीता देवी ने भी आरजेडी सुप्रीमो से मुलाकात किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि टिकट को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है. अपने सुप्रीमो के सेहत का हाल जानने यहां आई हूं.

बहरहाल, लालू यादव से राजनेताओं का मुलाकात अभी जारी ही रहेगा. टिकट बंटवारे से पहले लालू यादव से मुलाकात करने और उनके दरबार में मत्था टेकने का सिलसिला जारी रहेगा.