पटना: 'अग्नि परीक्षा' में मेयर सीता साहू हुई पास, जीत के बाद कहा...

सीता साहू के सामने ये अग्नि परीक्षा थी कि, वो अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिखाएं और उसमें वो सफल रही.

पटना: 'अग्नि परीक्षा' में मेयर सीता साहू हुई पास, जीत के बाद कहा...
पटना: 'अग्नि परीक्षा' में मेयर सीता साहू हुई पास, जीत के बाद कहा...

प्रीतम कुमार/पटना: मेयर सीता साहू एक बार फिर अग्नि परीक्षा में सफल रहीं. उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को खारिज हो गया. स्थिति ये हुई कि जिन 75 में 41 पार्षदों ने चिट्ठी लिखकर सीता साहू के प्रति असंतोष जताया था, शुक्रवार को वो भी मेयर के खेमे में नजर आए. इस तरह से पिछले दो हफ्ते से नगर निगम में चल रही रसाकसी खत्म हो गई.

साल भर के अंदर मेयर सीता साहू के खिलाफ लाया गया दूसरा अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह खारिज हो गया. सीता साहू के सामने ये अग्नि परीक्षा थी कि, वो अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) को खारिज कर दिखाएं और उसमें वो सफल रही.

इससे पहले पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में अविश्वास प्रस्ताव के पहले एक बैठक शुरू हुई, जिसे देखकर यह साफ हो गया था कि, सीता साहू अविश्वास प्रस्ताव खारिज कराने में सफल होंगी. सीता साहू ने जीत के बाद भरोसा दिलाया कि, उनके मन में किसी के प्रति कोई द्वेष नहीं है और वो बाकी बचे दो सालों में पटना की भलाई के लिए काम करेंगी.

इससे पहले पटना के एसकेएम हॉल में तय समय से थोड़ी देरी से बैठक शुरू हुई. वार्ड संख्य 67 के पार्षद मनोज कुमार की अध्यक्षता में बैठक के दौरान महापौर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद, बैलेट के माध्यम से वोटिंग कराई गई.

इस वोटिंग में महापौर सहित आठ पार्षदों ने भाग लिया. प्रस्ताव के समर्थन में 4 और विरोध में भी 4 वोट पड़े. बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 के मुताबिक, महापौर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को पारित कराने के लिए 38 वोट जरूरी हैं. क्योंकि पटना नगर निगम में 75 पार्षद हैं और इस तरह से महापौर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया.

पटना नगर निगम की स्थायी समिति के सदस्य आशीष सिन्हा के मुताबिक, जिस बेहतर तरीके से काम किया गया था उसी का परिणाम है कि, पार्षदों ने एक बार फिर से सीता साहू के प्रति निष्ठा दिखाई है. इस बात की संभावना पहले से ही जताई जा रही थी कि, सीता साहू अविश्वास प्रस्ताव रूपी अग्नि परीक्षा में सफल होंगी और ऐसा ही हुआ.

हालांकि, निगम में जो मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी का जो खेल चल रहा है, वो अभी समाप्त नहीं होने वाला है. क्योंकि मेयर गुट ने अब डिप्टी मेयर मीरा देवी के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है. नियम के मुताबिक, मेयर या डिप्टी मेयर के खिलाफ दो साल पूरे होने पर अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है और डिप्टी मेयर का दो साल अगले साल जुलाई में पूरा होगा.