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डेंगू से निपटने के लिए कितना तैयार है पटना, नगर निगम पर खड़े हो रहे सवाल

पिछली बार पटना डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल था और इस बार भी आसार कुछ इसी तरह के हैं. पटना नगर निगम दावा कर रहा है कि डेंगू के मच्छर और लारवा को मारने के लिए लगातार फॉगिंग हो रही है वहीं, राजधानी पटना के लोग ही इस दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं.  

डेंगू से निपटने के लिए कितना तैयार है पटना, नगर निगम पर खड़े हो रहे सवाल
पिछली बार पटना डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना: बारिश कुछ दिन में दस्तक देने वाली है. बारिश के साथ ही राजधानी में डेंगू का असर भी देखने को मिलने लगता है. पिछली बार पटना डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल था और इस बार भी आसार कुछ इसी तरह के हैं. पटना नगर निगम दावा कर रहा है कि डेंगू के मच्छर और लारवा को मारने के लिए लगातार फॉगिंग हो रही है वहीं, राजधानी पटना के लोग ही इस दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

राजधानी पटना में पिछले साल डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका कंकड़बाग था. यहां शायद ही ऐसा कोई घर था जहां डेंगू के मरीज़ न हो. दरअसल बिहार में पिछले कुछ सालों में बारिश शुरू होते ही डेंगू के मरीज बढ़ने लगते हैं और जब तक ठंड की दस्तक नहीं होती है तब तक हर दिन नए डेंगू के मरीज अस्पताल में भर्ती होते है. नगर निगम दावा कर रहा है कि रोजाना फॉगिंग और स्प्रे मशीन से हर वार्ड में फॉगिंग हो रही है लेकिन स्थानीय लोग इस दावे का खंडन करते हैं.

खास बात ये है कि डेंगू की जद में सिर्फ गरीब ही नहीं होते है बल्कि डेंगू के असर से हर तबका परेशान होता है. पटना नगर निगम के मुताबिक इस बार सभी 75 वार्डों के लिए 75 फॉगिंग और स्प्रे मशीन मंगाई गई है. निगम के सभी अंचलों में रोजाना फॉगिंग की जा रही है. हालांकि हकीकत में ऐसा नहीं है. ये सही है पटना नगर निगम ने नई फॉगिंग मशीनें खरीदी हैं लेकिन अब तक ये अंचल मुख्यालय में ही पड़े हैं.

स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्वास्थ्य समिति के मुताबिक साल 5 नवबंर 2018 तक पूरे बिहार से 1 हजार 346 डेंगू के मामले सामने आए थे जिसमें 1 हजार 229 लोग डेंगू से पीड़ित थे. सिर्फ राजधानी पटना में ही डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या 970 थी.सीवान में 68,नालंदा में 55. मुजफ्फरपुर में 26 .वैशाली में 25,सारण में 17 और भागलपुर में डेंगू से 15 लोग पीड़ित थे. बारिश सर पर है..लिहाजा निगम के सामने सबसे गंभीर चुनौती डेंगू के असर से निपटने की है.