पटना: बीजेपी ने सोमवार को आरोप लगाया है कि तेजस्वी यादव सीबीआई के अधिकारियों को खुली धमकी देकर भ्रष्टचार के मामले की जांच को गलत तरीके से प्रभावित करने पर तुले हैं.


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राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भ्रष्टचार के मामले की जांच को प्रभावित करने में जुटे हैं. सुशील मोदी ने कहा कि सीबीआई अधिकारियों के माता-पिता और बच्चों तक से बदला लेने की बात कही जा रही है. यह भी कहा गया कि जो अफसर उनके विरुद्ध आईआरसीटीसी घोटाले की जांच में लगे हैं, उन्हें सरकार बदलने या रिटायर होने पर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए.


उन्होंने कहा कि एक अभियुक्त (तेजस्वी यादव) का धमकी देना न्याय प्रक्रिया को गंभीर चुनौती है. सुशील मोदी ने यह भी कहा कि लालू यादव चारा घोटाला (Fodder Scam) में दोषी पाए गए, लेकिन उन्होंने कभी जांच एजेंसी को धमकी नहीं दी.


उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 9 अगस्त को बिहार में सरकार बदलने से पहले तक जदयू के जो लोग सीबीआई को तेजस्वी यादव के विरुद्ध दस्तावेज उपलब्ध करा रहे थे, वही अब जांच एजेंसी पर सवाल उठा रहे हैं.


चारा घोटाले की चर्चा करते हुए भाजपा नेता कहते हैं कि शिवानंद तिवारी चारा घोटाला की जांच सीबीआई से कराने की मांग लेकर हाईकोर्ट गए थे, लेकिन अब लालू परिवार का भरोसा जीतने के लिए पलटी मार रहे हैं.


उन्होंने कहा कि आइआरसीटीसी घोटाले (IRCTC Scam) में सीबीआई इसी 28 सितंबर को आरोप तय करने वाली है, इसलिए बेचैनी है. सुशील मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव को 2018 में जमानत मिलने के बाद दो साल तक न्याय प्रक्रिया कोविड के कारण ठप रही. उनके वकील ने 11 बार ट्रायल कोर्ट से समय मांग कर मामले को लटकाने की कोशिश की.


(आईएएनएस)