पटना : अयोध्या में राम मंदिर को लेकर बिहार में हर जगह चर्चा का विषय बना पड़ा है. इन दिनों हर कोई राम के मंदिर को लेकर बयानबाजी करता दिखाई दे जाएग. इधर, बिहार के पूर्व सीएम और 'हम' संयोजक जीतन राम मांझी ने सोमवार को यह कहा कि हमें किसी की भी आस्था पर प्रहार नहीं करना चाहिए. चाहे वह किसी भी समूह का हो. यहां लोग अपने धर्मों के अनुसार पूजा और इबादत करते हैं, लेकिन राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का उनके लिए विशेष महत्व है.


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जीतन राम मांझी ने शिक्षा मंत्री के बयान पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ने भी ऐसा कहा था. उनका कहना है कि राष्ट्रीय जनता दल तुष्टिकरण की राजनीति कर रहा है और वह मानते हैं कि इससे मुसलमानों के वोट में कोई कमी नहीं होगी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की और कहा कि सबका प्रयास से सबका कार्य हो रहा है और मुसलमानों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है.


जीतन राम मांझी ने बीजेपी पर लगे आरोपों को भी खारिज कर दिया. उन्होंने यह कहते हुए कि मोदी ने झूठलाने का कार्य किया है. उनका मानना ​​है कि आरजेडी के पैर के तले जमीन खिसक रही है और उन्होंने इस पर सवाल उठाया कि एनडीए के शासन के दौरान क्या संप्रदायिक दंगे हुए. उन्होंने बताया कि ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर 80 प्रतिशत महिलाएं बीजेपी के साथ हैं, जबकि राजद को समझ में आ रहा है कि उनकी ओर से शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को उकसाया जा रहा है.


साथ ही उन्होंने कहा कि 'हम' पूजा पाठ नहीं करते हैं, अंगूठी और धागा नहीं बांधते हैं और कर्म प्रधान है. उन्होंने गीता के अनुसार कहा कि कर्म के आधार पर ही फल मिलता है और इसलिए मंदिर-मस्जिद की बहस को कैसे करें.


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