तस्वीरों में देखिए तेजस्वी यादव का '7-स्टार' बंगला, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे थे इसे बचाने

बंगले में पहुंचे डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि ये सात सितारा होटल की तरह है. ऐसा बंगला राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का भी नहीं है. एक अणे मार्ग से तो सौ गुणा अच्छा है यह बंगला.

तस्वीरों में देखिए तेजस्वी यादव का '7-स्टार' बंगला, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे थे इसे बचाने
इसी बंगले में रहते थे तेजस्वी यादव.

पटना : खुद को गरीबों का नेता बताने वाले बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव किस तरह से सरकारी पैसे पर ठाठ-बाट से रहते थे, ये अब सामने आ गया है. जिस 5, देशरत्न मार्ग के बंगले के लिए तेजस्वी यादव सुप्रीम कोर्ट तक गये और सरकार पर बंगले की राजनीति करने का आरोप लगाते रहे, उनके दल के विधायक बंगले के लिए धरना देने पहुंच गये, वो बंगला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खाली हो गया है. इसके साथ ही बंगले की सच्चाई भी सामने आ गयी है.

बंगले को सजाने के लिए किस तरह से सरकारी पैसे को पानी की तरह बहाया गया, ये भी सामने आ गया है. बंगले में पहुंचे डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि ये सात सितारा होटल की तरह है. ऐसा बंगला राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का भी नहीं है. एक अणे मार्ग से तो सौ गुणा अच्छा है यह बंगला.

5 देशरत्न स्थित बंगले की बात करें, तो ये दो हिस्सों में बंटा हुआ है. एक हिस्सा ऐसा है, जिसका उपयोग तेजस्वी यादव ऑफिस के रूप में करते थे और यहीं तक लोगों को जाने की अनुमति थी. बंगले के मुख्य भवन में कुछ खास लोगों के ही जाने की इजाजत थी. बंगले के मुख्य भवन की बात करें, तो ये आपने आप में खास है. इसका हर हिस्सा बिल्कुल अलग तरह से सजाया गया है.

बंगले की लॉबी से लगा हुआ एक डाइनिंग रूम है, जिसमें लाखों रुपये के इंपोर्टेड सोफे लगे हैं. मेज से लेकर हर चीज ड्रॉइंग रूम में खास है. यहां जो एसी लगे हैं, उनके लिए पैनल बनाया गया है. डाइनिंग रूम में चार एसी लगे हुए हैं. इसी से सटा हुआ मीटिंग रूम है. माना जा रहा है कि इसमें तेजस्वी यादव खास लोगों के साथ बैठते थे. इसमें भी कुर्सियां और सोफा पड़ा हुआ है. इससे सटा हुआ पूजा रूम है, जिसमें एक एसी लगा हुआ है.

डाइनिंग हाल से सटा हुआ किचन है. काफी लंबा किचन बना है, जो पूरी तरह से इर्पोटेड सामानों से सजा है. पांच बर्नर का चूल्हा, चिमनी और जितनी व्यवस्थाएं मॉड्यूलर किचन में होती हैं, वो सब इसमें हैं. चार डोर का एसी रखा हुआ है. डाइनिंग रूम की एक तरफ बाथरूम है, जिसमें बड़ा शॉवर पैनल लगा है. इसी होकर सीढ़ियों की तरफ रास्ता जाता है, जो फर्स्ट फ्लोर पर ले जाती है.

सीढ़ियों की दूसरी तरफ से नीचले तल्ले का बेडरूम है. बेडरूम को बड़े ही भव्य तरीके से सजाया गया है. इसमें लकड़ी की अलामारी के साथ खास तरह की कुर्सियां और सोफे रखे हैं. बेड पड़ा है. इसकी लाइट्स भी खास हैं. इससे सटा हुआ मुख्य बाथरूम है, वो भी अपने आप में खास है. मुख्य बेडरूम से लॉन के लिए दरवाजा खुलता है. इसके अलावा इससे सटा हुआ एक कमार है, जिसे चेंजिंग रूम कह सकते हैं. इसके बगल में स्टोर रूम है, जिसमें कई रैक बने हुये हैं.

तेजस्वी यादव के बंगले के पहले मंजिल पर दो बेडरूम है. हालत देख लगता है कि इनका उपयोग नहीं होता था. जिस तरह की सुविधाएं नीचे के बेडरूम में हैं, वैसी ही सुविधाएं फर्स्ट फ्लोर के बेडरूम में भी हैं. फर्स्ट फ्लोर की लॉबी से पूरा कैंपस दिखता है, जिसे बहुत ही करीने से बनाया और सजाया गया है. मंहगे पेड़ लगे हैं. खास तरह की घास लगी है. इसके बीच में टहलने के लिए पैसेज बना हुआ है, जिसमें खास तरह की बजरी डाली गयी है, जिसमें घास उग आयी है.

तेजस्वी यादव का यह बंगला खास है, जिसको देखने के लिए लोग उमड़ पड़े. बंगले को लेकर जब डिप्टी सीएम सुशील मोदी से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि जिस तरह की सुविधाएं तेजस्वी यादव ने बंगले में भवन निर्माण मंत्री रहते हुए की थी, लगता है कि लंबे समय तक इसमें रहना चाहते थे. उन्होंने जनता के कम से कम पांच करोड़ रुपये खर्च कर इस बंगले को सजाया और संवारा होगा.