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बिहार: ...तो BJP-JDU ने बना ली है एक-दूसरे से दूरी, कई मौकों पर खुलकर दिखी तकरार

पटना में बारिश से हुए जलजमाव को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच बयानबाजी का सिलसिला चला. दोनों दलों के नेताओं के बीच तल्खी बढ़ी.

बिहार: ...तो BJP-JDU ने बना ली है एक-दूसरे से दूरी, कई मौकों पर खुलकर दिखी तकरार
बिहार में बीजेपी-जेडीयू के बीच बनने लगी है दूरी. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार की राजधानी पटना में जिस तरह से जलजमाव हुआ और नवरात्र के दौरान रामलीला की अनुमति राज्य सरकार की ओर से नहीं दी गई, उसको लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दो प्रमुख घटक दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल युनाइटेड (JDU) के बीच की दूरियां बढ़ती जा रही है. रावण दहन के दौरान गांधी मैदान में कोई नेता नहीं पहुंचा, तो एनडीए उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा उपचुनाव जीते सतीश चंद्र दुबे की जीत के प्रमाण पत्र लेने के दौरान कोई जेडीयू नेता नहीं आया. दोनों दलों में बढ़ी दूरी की गूंज दिल्ली तक सुनायी दे रही है.

बिहार में जेडीयू और बीजेपी के बीच दूरी की खबरें लगातार आती रही हैं. बीच में राजद की ओर से खुलासा किया गया कि उसकी जेडीयू से बात हो रही थी. दो बार बात हुई, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसे बीजेपी पर दबाव बनाने में इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए हम लोगों ने बातचीत रोक दी. इसके बाद से लगातार बीजेपी और जेडीयू के बीच मतभेद देखने को मिलते रहे हैं. पांच विधानसभा और एक लोकसभा सीट के लिए एनडीए की ओर से उम्मीदवारों की संयुक्त घोषणा होनी थी, जेडीयू की ओर से प्रेस कांफ्रेंस का न्योता बांट दिया गया, लेकिन अंतिम समय में इसे रद्द कर दिया गया और कारण अपरिहार्य बताया गया. 

पटना में बारिश से हुए जलजमाव को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच बयानबाजी का सिलसिला चला. दोनों दलों के नेताओं के बीच तल्खी बढ़ी. शुरुआत केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान से हुई, जिसके बाद जेडीयू हमलावर हो गयी और उसके नेताओं ने गिरिराज सिंह पर हमला बोल दिया. इसके बाद बीच-बचाव शुरू हुई, लेकिन गिरिराज सिंह कुछ दिन चुप रहे. उसके बाद फिर से पटना जलजमाव के मुद्दे पर सरकार को घेरने लगे. कहने लगे कि ताली सरकार को तो गाली भी सरकार को. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को जल जमाव के लिए दोषी ठहरा दिया. 

गिरिराज सिंह का बयान आया, तो जेडीयू की ओर से मोर्चा पार्टी महासचिव और मंत्री श्याम रजक ने संभाल लिया. उन्होंने बाढ़ से उत्पन्न हुए हालात से निपटने में कोताही बरतने का आरोप लगाया और सीधे तौर पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और मंत्री नंदकिशोर यादव को निशाने पर लिया. कहा कि इन दोनों नेताओं को केवल राजेंद्र नगर और पटना सिटी में समस्या दिखती है. ये लोग बाढ़ राहत के नाम पर दिखावा कर रहे हैं. श्याम रजक का बयान आया, तो बीजेपी की ओर से कमान पटना से विधायक नितिन नवीन ने संभाली और उन्होंने अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग का मुद्दा उठा दिया और कहने लगे कि कहा से ये होता है, सब लोग जानते हैं. हमारी जुबान नहीं खुलवाएं, नहीं तो परेशानी हो जायेगी. 

बयानबाजी का सिलसिला चल रही रहा था कि इस बीच खबर आयी कि पटना में इस बार रामलीला नहीं होगी, इसका बीजेपी की ओर से विरोध किया गया, लेकिन प्रशासन की ओर से रामलीला अनुमति नहीं दी गयी. बताया जाता है कि ये सबसे बड़ी वजह बीजेपी और जेडीयू के संबंधों में खटास पड़ने की बनी और रावण के पुतला दहन के दौरान बीजेपी की ओर से कोई नेता गांधी मैदान में नहीं पहुंचा. बीजेपी के चार विधायक और दो सांसदों को आना था, लेकिन उनकी कुर्सियां खाली रहीं. 

बीजेपी और जेडीयू के बीच दूरी का आलम ये है कि जेडीयू का कोई भी प्रतिनिधि एनडीए सदस्य के रूप में निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गये सतीश चंद्र दुबे के प्रमाण पत्र लेने के दौरान नहीं आया. हालांकि दोनों दलों के नेता इसको लेकर अलग-अलग दलील दे रहे हैं और मामले को शांत करने की कोशिश में लगे हैं, लेकिन विपक्षी नेता इसको लेकर एनडीए पर निशाना साध रहे हैं. राजद उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि बीजेपी अब जेडीयू की कद्र नहीं कर रही है, तो राजद के एक और नेता सुबोध राय का कहना है कि पूरे मामले में जेडीयू की किरकिरी हुई है. बीजेपी ने जेडीयू को उसके हाल पर छोड़ दिया है. कांग्रेस की ओर से भी जेडीयू पर निशाना साधा. बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा कि जेडीयू की पूरी छीछालेदर हो चुकी है. 

हालांकि बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की और कहा कि उनके कुशल नेतृत्व की वजह से जलजमाव से निजात मिली, लेकिन लोग परेशानी में रहें और हम रावण बध में शामिल हों, ये ठीक नहीं है, जबकि जेडीयू नेता और मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा कि इसे बीजेपी और जेडीयू से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिये. इधर, इस मामले को लेकर दिल्ली में भी प्रतिक्रिया हुई. बीजेपी नेता सुब्रमनियम स्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पता लगाना चाहिये कि बीजेपी नेता किस वजह से नाराज हैं. उन्होंने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयानों का बचाव किया और कहा कि वो स्पष्ट रूप से बोलते हैं. जेडीयू - बीजेपी के बीच में जिस तरह से दूरी बढ़ रही है. वो एनडीए गठबंधन के लिए ठीक नहीं लगती है.