पटना: Amit Shah Bihar Visit: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 11 अक्टूबर को एकदिवसीय दौरे पर बिहार आ रहे हैं. शाह स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता जय प्रकाश नारायण की जयंती कार्यक्रम में शामिल होने सिताब दियारा आएंगे, जो जेपी का जन्मस्थान है.


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अमित शाह का 20 दिन बाद बिहार दौरा
बीजेपी नेता का 20 दिन में ये दूसरा बिहार दौरा है. इस दौरान अमित शाह जय प्रकाश नारायण की विरासत को आगे ले जाने का दावा करने वाले नीतीश कुमार और लालू यादव पर हमला बोलते दिख सकते हैं जो (नीतीश-लालू) अपने आप को जेपी का प्रोडक्ट बताते हैं.


दो सीटों पर होने हैं उपचुनाव
जानकारी के अनुसार, अमित शाह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद यूपी के वाराणसी चले जाएंगे. पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शाह अब महीने में कम से कम से एक बार जरूर बिहार के दौरे पर आएंगे, जिससे उपचुनाव और शहरी निकाय चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में जोश भर सकें.


बता दें कि गोपालगंज और मकोमा में 3 नवंबर को उपचुनाव होने हैं, जिसको जीतने के लिए बीजेपी और महागठबंधन अपनी पूरी ताकत झोंक रही है. बिहार में सत्ता परिवर्तन होने के बाद 2024 लोकसभा चुनाव से पहले जेडीयू-आरजेडी के लिए ये परीक्षा की घड़ी है. गोपालगंज सीट बीजेपी विधायक सुभाष सिंह के निधन के बाद खाली हुई है जबकि मकोमा से राजद विधायक अनंत सिंह की सदस्यता अवैध हथियार रखने के मामले में दोषी पाए जाने के बाद समाप्त कर दी गई.


वहीं, अमित शाह के दौरे को लेकर बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि जो लोग अपने आप को जेपी आंदोलन का प्रोडक्ट होने का दावा करते हैं, वो 'गांधी परिवार से समर्थन की गुहार लगा रहे हैं.'


संजय जायसवाल ने कहा, 'जेपी के तथाकथित छात्र सोनिया गांधी के पास जाते हैं और उनसे मिलने के बाद जीत का चिन्ह दिखाते हैं जैसे कि उन्होंने दुनिया जीत ली हो. जेपी ने कहा था कि उनका संपूर्ण क्रांति का सपना तब साकार होगा जब एक गरीब व्यक्ति का बेटा पीएम बनेगा. इस सपने को पीएम मोदी ने साकार किया है.'


बीजेपी नेता ने कहा कि जो लोग राजा के बेटे हैं और परिवार संचालित पार्टियों में जाते हैं, उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, फिर भी वे उत्साहित महसूस करते हैं.


जायसवाल ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब बीजेपी जय प्रकाश नारायण की जयंती मना रही है. बीजेपी नेता ने कहा, '2005 में स्वर्गीय अनंत कुमार ने हर साल जेपी के जन्मस्थान पर आने का वादा किया था और उन्होंने अपनी मृत्यु तक वादे को निभाया.'


शाह हाल ही में दो दिवसीय दौरे पर सीमांचल में थे जहां उन्होंने भाजपा-जदयू के टूटने के बाद पहली बार दो बड़ी रैलियों और कोर ग्रुप की बैठक को संबोधित किया। पार्टी में कई लोगों का मानना है कि शाह का 20 दिनों में बिहार का दूसरा दौरा राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन को असहज कर सकता है।


सितंबर में सीमांचल के दौरे पर थे शाह
बता दें कि अमित शाह ने पिछले महीने की 22 और 23 तारीख को सीमांचल का दो दिवसीय दौरा किया था. राज्य में जदयू से गठबंधन टूटने के बाद शाह का ये पहला बिहार दौरा था. इस दौरान गृहमंत्री ने एक विशाल रैली को भी संबोधित किया था. साथ ही, बीजेपी नेताओं और पदाधिकारियों संग बैठक भी की थी. माना जा रहा है कि एक महीने के भीतर शाह का दूसरा दौरा सत्तारूढ़ गठबंधन को असहज कर सकता है. 


वहीं, अमित शाह के दौरे को लेकर बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है. सूत्रों की मानें तो यात्रा के दौरान अमित शाह छपरा में एक सभा को संबोधित कर सकते हैं. जिसमें कई जिलों के किसानों शामिल होंगे. हालांकि इस पर अभी गृहमंत्री की ओर से स्वीकृति मिलनी बाकी है. बता दें कि जदयू से अलग होने के बाद बीजेपी 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार में मिशन 35 प्लस पर काम कर रही है. इसी क्रम में अमित शाह का दौरा हो रहा है.


इधर, अमित शाह के दौरे को लेकर लालू यादव के बड़े बेटे और बिहार सरकार में मंत्री तेजप्रताप यादव ने कहा कि उन्हें (शाह) बिहार पसंद आ गया है. उन्हें बिहार में कुछ नहीं मिलेगा. बिहार आने के पीछे उनका मकसद बीजेपी छोड़ने के बाद सिर्फ आरजेडी ज्वाइन करना है.


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