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झारखंड: गिरिडीह के राजेंद्र कुमार मिला राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

झारखंड के गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड के माधोपुर गांव के राजेंद्र कुमार साव को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में सम्मानित किया गया. राजेन्द्र एएस कॉलेज देवघर राष्ट्रीय सेवा योजना के टीम लीडर राजेन्द्र कुमार को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के सर्वोच्च सम्मान राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार वर्ष 2017-18 से झारखंड गया.

झारखंड: गिरिडीह के राजेंद्र कुमार मिला राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
राजेन्द्र के पैतृक गांव में खुशी का माहौल है.

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड के माधोपुर गांव के राजेंद्र कुमार साव को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में सम्मानित किया गया. राजेन्द्र एएस कॉलेज देवघर राष्ट्रीय सेवा योजना के टीम लीडर राजेन्द्र कुमार को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के सर्वोच्च सम्मान राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार वर्ष 2017-18 से झारखंड गया.

राष्ट्रीय सेवा योजना के सर्वोच्च सम्मान राजेंद्र कुमार साव को दिए जाने से पूरे झारखंड के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों में उत्साह का माहौल है. वहीं, राजेन्द्र के पैतृक गांव में खुशी का माहौल है. राजेंद्र इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के विभिन्न सामाजिक समस्याओं पर समाजिक कार्य करने वालो स्वयंसेवकों को सम्मानित करना है, ताकि समाज मे उनकी एक पहचान बने और आने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिले. राजेन्द्र कुमार ने देवघर में विभिन्न क्षेत्रों मे कुरूतियों के प्रति लोगो को प्रेरित करना एवं जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है.

 

खासकर शिक्षा एवं रक्त, वृक्षारोपण के क्षेत्रों मे क्रांति लाने का कार्य किए हैं और युवाओं के प्रेरणास्रोत बन गए हैं. गरीब और असहाय बच्चों को निःशुल्क मैं शिक्षा दान का कार्य करते हैं. जिसमें 135 बच्चों को शिक्षा देने का कार्य और उनलोगों के सारी शिक्षण सामग्री भी मुफ्त में देते हैं. राजेंद्र के द्वारा खुद नेत्रदान कर 80 लोगों से नेत्रदान करवाया गया है. 16 बार उन्होंने खुद रक्तदान किया है और लगभग 1000 लोगों को प्रेरित कर रक्तदान करवाया है. 

इतना ही नहीं पर्यावरण के क्षेत्र में अब तक लगभग 2500 सौ की संख्या में पौधों को लगाने का काम उन्होंने किया है. समाजिक गतिविधियों मैं बढ़ चढ़ कर भाग लेते हैं. इसके अलावा राजेंद्र ने कई पर्यावण, सामाजिक कुरीतियों सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा काम किया है जिसकी वजह से युवा इन्हें अपना आदर्श मानते हैं. 

 राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार पूरे भारत में केवल तीस लोगों को दिया जाता है. जिसमे राजेन्द्र कुमार ने 14वां स्थान पाया है. इस सुखद अनुभव को पाकर उनके माता पिता बेहद खुश हैं. उनके पिता किसान हैं और मां गृहणी हैं.