रांची का हिंदपीढ़ी बना कोरोना का Hotspot, लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या

उपायुक्त रांची ने कहा कि, रविवार को जितने भी संक्रमण के मामले सामने आए थे, उसका लिंक हिंदपीढ़ी से जुड़ा है. अब तक केवल 2 मामले ऐसे आए हैं, जो किसी भी परिस्थिति में हिंदपीढ़ी से जुड़े नहीं है.

रांची का हिंदपीढ़ी बना कोरोना का Hotspot, लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या
रांची के हिंदपीढ़ी इलाके से कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण बढ़ता जा रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी इलाके से कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण अपना दायरा बढ़ाता जा रहा है. आलम यह है कि कोरोना वायरस ने पूरी रांची को घेर लिया है. दरअसल, कोरोना को लेकर झारखंड के इतिहास में 31 मार्च, वह काला दिन था जब हिंदपीढ़ी इलाके में आई मलेशिया की एक महिला का कोरोना पॉजिटिव रिजल्ट ने राज्य को संकट में डाल दिया.

इसके बाद, पूरे इलाके को सील कर दिया गया और कांन्टेक्ट ट्रेसिंग का काम शुरू किया गया. मलेशियाई महिला के संपर्क में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के दौरान फिर आंकड़े बढ़ते चले गए. लेकिन जो रिपोर्ट सामने आई है, वह बढ़ते आंकड़े की तरफ इशारा तो कर ही रहे हैं. लेकिन कोरोना के बढ़ते दायरे की भी तस्दीक कर रहा है. हालांकि, यह सभी मामले ज्यादातर कांन्टेक्ट हिंदपीढ़ी से जुड़े हैं.

दरअसल, हिंदीपीढ़ी शुरू हुआ कोरोना संक्रमण का मामला, पहले पास के ही पीपी कंपाउंड में फैला. इसके बाद मेन रोड के पजाब स्वीट हाउस के पीछे की गली में चला गया. वहीं, रिपोर्ट इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि कोरोना का दायरा बढ़ चुका है और संक्रमण पूरी रांची में धीरे धीरे फैलता जा रहा है.

इधर, अब संक्रमण नेताजी नगर, कांटा टोली, लोवाडीह, चुटिया, बरियातू पिस्का मोड़, इमली चौक, हरमू में फैल चुका है. उपायुक्त रांची ने कहा कि, रविवार को जितने भी संक्रमण के मामले सामने आए थे, उसका लिंक हिंदपीढ़ी से जुड़ा है. अब तक केवल 2 मामले ऐसे आए हैं, जो किसी भी परिस्थिति में हिंदपीढ़ी से जुड़े नहीं है.

उन्होंने कहा कि, इसमें एक गुड़गांव से संबंधित है और दूसरा लैब टेक्नीशियन जो कांटा टोली से हैं. इनकी ट्रैवल हिस्ट्री ट्रेस पता लगाई जा रही है. वहीं, रांची एसडीओ ने कहा कि, जितने भी मामले सामने आए हैं सब हिंदपीढ़ी से ही जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि कांन्टेक्ट ट्रेसिंग से ही जानकारी मिल रही है. क्योंकि बड़े पैमाने में कांन्टेक्ट ट्रेसिंग हो रही है. एसडीओ लोकेश मिश्रा ने कहा कि, इस पर रणनीति यही है कि अभी भी एग्रेसिव टेस्टिंग की जाएगी. ताकि संक्रमण फैलाने से पहले उनकी पहचान की जा सके.