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RJD ने कैंसिल किया मकर संक्रांति भोज, कांग्रेस दफ्तर में रहेगी 'दही-चूड़ा' की धूम

आरजेडी दफ्तर में जहां इस दिन सन्नाटा छाया रहेगा वहीं, महागठबंधन में सहयोगी कांग्रेस और उनके नेताओं की ओर से भव्य भोज का आयोजन किया जा रहा है. 

RJD ने कैंसिल किया मकर संक्रांति भोज, कांग्रेस दफ्तर में रहेगी 'दही-चूड़ा' की धूम
आरजेडी दफ्फर में इस वर्ष नहीं होगा दही-चूड़ा भोज. (फाइल फोटो)

आशुतोष चंद्रा, पटना : मकर संक्रांति को लेकर दही-चूड़ा भोज पर भी सियासत परवान चढ़ने लगा है. मकर संक्रांति पर दही चूड़ा परोसने की परंपरा सियासी दलों के बीच वर्षों से रही है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) कार्यालय में भी इसकी धूम देखने को मिलती थी, लेकिन इस वर्ष लालू यादव को रांची हाईकोर्ट से बेल नहीं मिल पाने के कारण भोज कैंसिल कर दिया गया है. आरजेडी दफ्तर में जहां इस दिन सन्नाटा छाया रहेगा वहीं, महागठबंधन में सहयोगी कांग्रेस और उनके नेताओं की ओर से भव्य भोज का आयोजन किया जा रहा है. 

महागठबंधन में भोज पर बने हालात पर जेडीयू ने चुटकी ली है. मंत्री महेश्वर हजारी ने यह बयान देकर नया सियासी बखेरा खड़ा कर दिया है कि सुख-दुःख में साथ निभाने वाले महागठबंधन के घटक दल सिर्फ सुख के साथी हैं. दु:ख में कांग्रेस भी आरजेडी का साथ नहीं दे रही है.

महागठबंधन के घटक दलों के बीच सियासत की हर डेग पर तालमेल की कमी लगातार बढ़ती जा रही है. लालू प्रसाद यादव जेल में है. उन्हें बेल पर बाहर निकालने की कोशिशें फेल हो चुकी हैं. यही वजह है कि आरजेडी ने इसबार दही-चूड़ा भोज का आयोजन कैंसिल कर दिया है. लालू प्रसाद के जेल से बाहर रहने पर दस सर्कुलर रोड में हर साल दही चूड़ा भोज का आयोजन होता रहा है. इस भोज में आरजेडी के सहयोगी दल भी शामिल होते रहे हैं, लेकिन इसबार ऐसा नहीं हो सकेगा. पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि लालू प्रसाद को जमानत नहीं मिल पाने के कारण ही ऐसा फैसला लिया गया है.

लालू के नहीं रहने का गम भले ही आरजेडी को हो, लेकिन कांग्रेस को इससे कोई फर्क नहीं पडता. पार्टी की ओर से बड़े पैमाने पर सदाकत आश्रम में दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया है. 15 तारीख को पार्टी के नेता दही-चूड़ा भोज में इकट्ठा होंगे. भोज में महागठबंधन के भी नेताओं को निमंत्रण दिया जाएगा. इससे पहले 14 तारीख को पार्टी के सीनियर नेता अवधेश सिंह के घर भोज का आयोजन किया गया है. बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा है कि पार्टी की ओर से हर साल दही-चूड़ा का भोज होता रहा है. इस बार भी इसाका आयोजन किया जा रहा है.

वहीं, आरजेडी में सन्नाटा और कांग्रेस में जश्न को लेकर जेडीयू ने चुटकी ली है. पार्टी के नेता मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा है कि दोस्त को सुख-दु:ख का साथी माना जाता है. लेकिन महागठबंधन में सभी सुख के ही साथी हैं. दु:ख में कोई एक दूसरे को पूछ नहीं रहा. आरजेडी और कांग्रेस का हाल कुछ ऐसा ही है. भोज का आयोजन जेडीयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के यहां भी हो रहा है, जहां एनडीए के तमाम नेता जुटेंगे. वहीं, रामविलास पासवान खुद सबको फोन कर भोज का निमंत्रण दे रहे हैं.

अब ऐसे में बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि जब कांग्रेस, आरजेडी के गम में शरीक नहीं हो रही है तो क्या आरजेडी के नेता कांग्रेस के दही-चूड़ा भोज में शामिल होंगे?