पटना: समान काम, समान वेतन को लेकर शिक्षकों का हड़ताल जारी, ठप हो रही छात्रों की पढ़ाई

इससे पढ़ाई व्यवस्था ठप हो चुकी है. बता दें कि बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल में वर्ग नौ से लेकर वर्ग बारह तक पढ़ाई होती है. यहां कुल 31 नियोजित शिक्षक हैं जो वर्ग नौ से लेकर वर्ग दस तक पढ़ाते हैं, जबकि वर्ग ग्यारह और बारह में इनकी संख्या 10 है. फिलहाल ये सभी हड़ताल पर हैं.

पटना: समान काम, समान वेतन को लेकर शिक्षकों का हड़ताल जारी, ठप हो रही छात्रों की पढ़ाई
नियोजित शिक्षकों के हड़ताल से ठप हो रही बिहार की शिक्षा व्यवस्था.

पटना: बिहार सरकार और शिक्षकों की लड़ाई का सीधा असर छात्रों की पढाई पर हो रहा है. सरकार के लाख दावों के बावजूद भी शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है. शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने से राज्य के जाने-माने स्कूलों में भी छात्रों की उपस्थिति बेहद कम हो गई है. कुछ नियमित शिक्षक शिक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जरूर सहयोग कर रहे हैं, लेकिन नियोजित शिक्षक स्कूल में उपस्थित रहने के बावजूद काम नहीं कर रहे हैं.

आपको बता दें कि बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल बिहार का एक जाना माना स्कूल है, लेकिन शिक्षकों की हड़ताल की आंच इस स्कूल तक पहुंच चुकी है. स्कूल में सन्नाटा पसरा हुआ है. स्कूल में नियमित शिक्षकों की संख्या बेहद कम हो चुकी है. नियोजित शिक्षक और शिक्षिकाएं वर्ग में नहीं रहकर हड़ताल के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं. 

इससे पढ़ाई व्यवस्था ठप हो चुकी है. बता दें कि बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल में वर्ग नौ से लेकर वर्ग बारह तक पढ़ाई होती है. यहां कुल 31 नियोजित शिक्षक हैं जो वर्ग नौ से लेकर वर्ग दस तक पढ़ाते हैं, जबकि वर्ग ग्यारह और बारह में इनकी संख्या 10 है. फिलहाल ये सभी हड़ताल पर हैं.

नियोजित शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने से ट्रेनिंग पर आए टीचरों के भरोसे ही पढ़ाई हो रही है. ये हाल केवल बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल का ही नहीं, बल्कि कंकड़बाग स्थित रघुनाथ प्रसाद बालिका उच्च मध्य विद्यालय का भी हाल कुछ ऐसा ही है. यहां भी पढाई पूरी तरह से ठप हो गई है. इंटर की वर्ग पूरी तरह बंद हो चुकी है. 

यहां हड़ताल पर गए नियोजित शिक्षकों ने स्कूल के बाहर ताला लगा दिया है और वेतनमान के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं. पूरा कैंपस अस्त-व्यस्त हो चुका है. साथ ही पटना के दूसरे सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में भी हड़ताल का असर दिखने लगा है.

हैरानी की बात ये है कि राज्य में पहले से ही वर्ग एक से लेकर वर्ग आठ तक के स्कूलों में 17 फरवरी से शिक्षकों की हड़ताल जारी है. अब 25 फरवरी से माध्यमिक स्कूलों में हड़ताल हो रही है. यानी पूरे बिहार में स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह बाधित है. लेकिन शिक्षकों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से अगर नुकसान हुआ है तो वो बिहार के छात्रों का. शिक्षको का कहना है कि उनकी मांग जायज है और वो समान काम के लिए  समान वेतनमान लेकर रहेंगें.
Preeti Negi, News Desk