close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

बिहार: विधानसभा उपचुनाव में JDU, कांग्रेस के परिवारवाद को जनता ने नकारा

बिहार में हुए उपचुनाव (By Elections) में जनता परिवारवाद को नकारती दिख रही है. बेलहर में जनता दल युनाइटेड (JDU) सांसद गिरिधारी यादव के भाई लालधारी यादव पीछे चल रहे हैं. वहीं, दरौंदा में सांसद कविता सिंह (Kavita Singh) के पति अजय सिंह चौथे नंबर पर चल रहे हैं.

बिहार: विधानसभा उपचुनाव में JDU, कांग्रेस के परिवारवाद को जनता ने नकारा
बिहार में कांग्रेस और जेडीयू के परिवारवाद को जनता ने नकारा.

पटना: बिहार में हुए उपचुनाव (By Elections) में जनता परिवारवाद को नकारती दिख रही है. बेलहर में जनता दल युनाइटेड (JDU) सांसद गिरिधारी यादव के भाई लालधारी यादव पीछे चल रहे हैं. वहीं, दरौंदा में सांसद कविता सिंह (Kavita Singh) के पति अजय सिंह चौथे नंबर पर चल रहे हैं. साथ ही किशनगंज से कांग्रेस सांसद असरारुल हक की मां सईदा बानो तीसरे नंबर पर हैं.

दरौंदा विधानसभा सीट पर सातवें राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है. निर्दलीय प्रत्याशी कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह एनडीए प्रत्याशी अजय सिंह से 3459 मतों से आगे चल रहे हैं. व्यास सिंह को 12121 मत मिले हैं. वहीं, जेडीयू उम्मीदवार अजय सिंह को 8662 वोट मिले हैं.

LIVE: समस्तीपुर LJP के प्रिंस राज 44 हजार मतों से आगे, किशनगंज में BJP पिछड़ी

परिवारवाद की दूसरी प्रयोगशाला इस चुनाव में भागलपुर की बेलहर विधानसभा सीट बनी. बेलहर में 11 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है. आरजेडी के रामदेव यादव को 35401 वोट मिले हैं, वहीं सांसद के भाई जेडीयू के लालधारी यादव को 22400 मतों के साथ तीसरे नंबर हैं. इस सीट पर नोटा के पक्ष में भी जबरदस्त वोट पड़े हैं.

वहीं, किशनगंज की बात करें तो किशनगंज में 10 राउंड की गिनती के बाद AIMIM के कमरुल होदा 31992 वोट के साथ आगे चल रहे हैं. 
BJP के स्वीटी सिंह 25335 मतों के साथ पिछड़ गई हैं. उपचुनाव में यहां भी कांग्रेस पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगा. कांग्रेस सांसद ने अपनी मां सईदा बानो को चुनाव मैदान में उतारा, जिन्हें पार्टी में भी विरोध का सामना करना पड़ा.

कुल मिलाकर बिहार में उपचुनाव के परिणामें पर गौर करें तो जनता ने परिवारवाद को नकार दिया है. लेकिन जब हम समस्तीपुर लोकसभा सीट का जिक्र करेंगे तो यहां परिवारवाद के बल पर ही प्रिंस राज निर्णायक बढ़त बना चुके हैं. प्रिंस राज लेजपा के दिवंगत सांसद रामचंद्र पासवान के बेटे हैं.