नई दिल्ली: शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने प्रेस कांफ्रेंस की. तीसरे सत्र का चौथा भाग 16 जनवरी 2023 को स्थापित परम्परानुसार दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुआ. हालाँकि, सदन में कई सदस्यों की अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार के कारण सत्र की पहली बैठक हंगामापूर्ण रही. 16 जनवरी 2023 को कोई कार्य नहीं किया जा सका. 


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विपक्ष द्वारा बोतलों में यमुना का पानी लाने पर विधानसभा अध्यक्ष ने पानी के सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा साथ ही रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर विपक्ष के विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई.  सत्र के दौरान नियम 280 के तहत विशेष उल्लेख के 39 मामलों को अनुमति दी गई. दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय, बिजली कंपनियों डीईआरसी और दिल्ली जल बोर्ड सहित विभिन्न विभागों के 8 दस्तावेजों की प्रतियां सदन के पटल प्रस्तुत की गई.


दो विधेयक अर्थात् 'दिल्ली माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2023' और 'दिल्ली विनियोग (संख्या 1) विधेयक 2023' सदन द्वारा पारित किए गए. वित्तीय अनुदानों की अनुपूरक मांगों का पहला भाग प्रस्तुत किया गया और उनको माग अनुसार विचार करके पारित किया गया.


दिल्ली के निवासियों के जीवन को बेहतर बनाने और सहायता करने की दृष्टि से वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति, विधवा पेंशन आदि जैसी कल्याणकारी योजनाओं के लिए समाज कल्याण विभाग को दिल्ली सरकार ने 1211.97 करोड़ रूपये का अतिरिक्त पूरक अनुदान दिया है. इसी प्रकार शिक्षा विभाग को 220.83 करोड़ रुपये, चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य के लिए 99.14 करोड़ रुपये, विकास विभाग को 706.20 करोड़ रुपये, उद्योग विभाग को 84.63 करोड़ रूपये की राशि जनहित में आवंटित की गई है. दिल्ली सरकार ने शहरी विकास और सार्वजनिक कार्यों जैसे सड़क के बुनियादी ढांचे में सुधार आदि के लिए 377.84 करोड़ रूपये का अतिरिक्त अनुदान दिया है. इस प्रकार दिल्ली सरकार ने विभिन्न विभागों को पूरक मांगों के रूप में कुल 3139.17 करोड़ रुपये दिए हैं. यह सिर्फ दिल्ली में बुनियादी ढांचे जैसे स्वास्थ्य या शिक्षा या कल्याणकारी योजनाएं या सार्वजनिक निर्माण आदि को बढ़ाने के लिए हैं. याचिका समिति के तीन अंतरिम प्रतिवेदन भी पेश किए गए, जिन पर सदन ने विचार किया और उन्हें स्वीकार किया. 


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बता दें कि सदन द्वारा स्वीकार की गई याचिका समिति की अंतरिम रिपोर्ट में मुख्य सचिव की मिलीभगत से डॉ. एसी वर्मा प्रमुख सचिव और अमित सिंगला सचिव, स्वास्थ्य विभाग द्वारा रची गई पूर्व नियोजित साजिश का खुलासा हुआ है. दिल्ली के उपराज्यपाल के इशारे पर दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई समाज कल्याण योजनाओं को रोकने के लिए भय का माहौल बनाया गया. आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक के डॉक्टरों / कर्मचारियों और दिल्ली के अस्पतालों में डाटा एंट्री ऑपरेटरों को एमसीडी चुनाव संपन्न होने तक जानबूझकर देरी से भुगतान किया गया.


इसके अलावा, दिल्ली में नागरिकों की वृद्धावस्था पेंशन में देरी करने का जानबूझकर प्रयास किया गया, जो बहुत ही शर्मनाक है. दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने कहा कि मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि उपराज्यपाल और मुख्य सचिव दुर्भावना से काम क्यों कर रहे हैं, इनका रवैया जनहित में बिल्कुल भी नहीं है. क्योंकि विनय कुमार सक्सेना दिल्ली के एलजी हैं, उन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा लागू किए जा रहे शिक्षा, स्वास्थ्य आदि के क्षेत्र में वैध कल्याण कार्यों और विभिन्न योजनाओं की जांच के आदेश दिए हैं. अब ऐसा लग रहा है कि उपराज्यपाल दिल्ली सरकार को बदनाम करने के एक गुप्त उद्देश्य के साथ काम कर रहे हैं. मैं इस प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से उपराज्यपाल से अनुरोध करूंगा कि वे शालीनता से व्यवहार करें, दिल्ली सरकार के कल्याणकारी कार्यों में बाधा डालना बंद करें और दिल्ली को दुनिया की सबसे अच्छी राजधानी बनाने में सहयोग करें. उन्होंने बताया कि अगर तीन अंतरिम रिपोर्टों का अध्ययन किया जाए तो पता चलेगा कि प्रमुख सचिव (वित्त) ने मुख्य सचिव और उपराज्यपाल के संरक्षण में भुगतान जारी करने में बाधा उत्पन्न की है जैसे :-
1. दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के डीईओ और ओपीडी काउंटरों की निविदाओं से आमंत्रित करना.
2. दिल्ली जल बोर्ड में, जहां दूसरी और तीसरी तिमाही का भुगतान रोक दिया गया है. 
3. समाज कल्याण विभाग जहां विधवाओं और वृद्धों की पेंशन भी बंद कर दी गई है.
4. डीटीसी कर्मियों की पेंशन और बस मार्शल कर्मचारियों का वेतन.
5. टी.डी.पी.एल की सब्सिडी.
6. गौशाला भुगतान.


यह बिल्कुल सकारात्मक नहीं है बल्कि दिल्ली के निवासियों की स्थिति में लिए सभी प्रयास कर रही दिल्ली सरकार के काम को रोकने के लिए बाधक रवैया है. मेरी याचिका समिति को भारत के राष्ट्रपति और भारत सरकार के गृह मंत्रालय से सुधार के इन रिपोर्टों का संज्ञान लेने और मुख्य सचिव तथा माननीय उपराज्यपाल के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का अनुरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जो दिल्ली के शासन के इतिहास में अभूतपूर्व कदम है.


17 जनवरी 2023 को सदन ने अतिशी, सभी सदस्य द्वारा नियम 54 के तहत उठाये गए ध्यानाकर्षण के तहत 'अध्यापकों के प्रशिक्षण और बच्चों की शिक्षा में अवैधानिक और अवांछित बाधाओं और हस्तक्षेप' के मुद्दे पर चर्चा की और इस संबंध में सदन द्वारा एक संकल्प स्वीकार किया गया. इसी दिन अल्पकालिक चर्चा के दौरान 'वजीरपुर में दिल्ली सरकार द्वारा बनाए गए 4 बड़े टायलेट ब्लॉक गिराए जाने से गरीब लोग विशेषकर महिलाओं को हो रही कठिनाईयों के संबंध में राजेश गुप्ता द्वारा मुद्दा उठाया गया.
सौरभ भारद्वाज ने 18 जनवरी, 2023 को अल्पकालिक चर्चा के दौरान 'दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 के बाद मेयर के चुनाव में उपराज्यपाल की संदिग्ध भूमिका' के संबंध में भी मामला उठाया और दिल्ली नगर निगम आयुक्त यह निर्देश देने के लिए संकल्प प्रस्तुत किया कि मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव डीएमसी अधिनियम और भारत के संविधान के अनुसार आयोजित किए जाएं और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि एमसीडी में मनोनीत सदस्यों को संविधान के अनुच्छेद 243-आर और दिल्ली नगर निगम अधिनियम की धारा 3 के तहत सदन में मतदान करने की अनुमति नहीं है. इसे सदन में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.


सत्र के अंतिम दिन राजेंद्र पाल गौतम, सदस्य ने नियम 54 के तहत 'नशीले पदार्थों की तस्करी और युवाओं में बढ़ती नशीली दवाओं की लत के कारण दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति पर सदन का ध्यान आकर्षित किया और मदन लाल, माननीय सदस्य ने "कंझावला कांड में लड़की की दर्दनाक मौत के परिपेक्ष्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा की स्थिति में सुधार के कदमों पर अल्पकालिक चर्चा शुरू की.


साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली विधानसभा 23 जनवरी 2023 से 25 जनवरी 2023 तक विधानसभा परिसर में दूसरी दिल्ली युवा संसद, 2023 का आयोजन कर रही है और दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और कॉलेजों के 84 प्रतिभागी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे. डीवाईपी 2023 इन छात्रों को कानून बनाने की संसदीय प्रक्रिया को समझने और वास्तविक समय सीमा में सार्वजनिक महत्व के अत्यावश्यक मामलों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगा. दिल्ली के युवाओं को चीनी उत्पादों को हतोत्साहित करने और स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए कदम", "उच्च शिक्षा में नामांकन में वृद्धि", "अत्यधिक भरे हुए लैंडफिल का समाधान करने के लिए कदम" और महिला सुरक्षा में सुधार के लिए कदम" जैसे विभिन्न विधायी कार्यों के बारे में शिक्षित किया जाएगा. जनहित से संबंधित मुद्दों पर प्रश्न, 2 विधेयक अर्थात् "उच्च शिक्षा विधेयक, 2023 की प्रगति" और ''यूनिवर्सल हेल्थकेयर विधेयक, 2023" के बारे में भी चर्चा होगी. इस कार्यक्रम मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री सहित गणमान्य लोगों के शामिल होने की आशा है.