तरुण कुमार/नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम के परिसीमन के लिए कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक में डायरेक्टरेट ऑफ सेन्सस ऑपरेशन, जिओ स्पेशियल दिल्ली, एमसीडी, रेवेन्यू डिपार्टमेंट, मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय और दिल्ली सरकार के अधिकारी शामिल हुए. इस बैठक में कमेटी के चैयरमैन ने बताया कि एमसीडी के 250 वार्ड का परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर होगा. दिल्ली नगर निगम के एकीकरण के बाद अब वार्डों की संख्या 250 निर्धारित कर दी गई है जो कि पहले 272 थी. इसके बाद सभी विधानसभाओ में कम से कम 3 वार्ड होंगे. उन्होंने कहा कि विधानसभा की बाउंड्री में ही वार्डों का गठन किया जाएगा. साथ ही सभी वार्ड की जनसंख्या एक समान या फिर अधिकतम 10 प्रतिशत के वेरिएशन में होगी.


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इस दौरान डीलिमिटेशन कमेटी के चैयरमैन ने बताया कि सभी वार्ड में समान प्रशासनिक दफ्तर और सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा. इसके अलावा सभी मतदाताओं को नए बनने जा रहे वार्ड में वोट का इस्तेमाल सुनिश्चित करने की भी तैयारी की जाएगी.


विधानसभा में कम से कम 3 वार्ड होंगे
एमसीडी एकीकरण से पहले दिल्ली में 272 वार्ड थे, लेकिन अब इनको घटाकर 250 कर दिया गया है. इसके बाद हर विधानसभा में कम से कम 3 वार्ड होंगे. वहीं जिस विधानसभा की सीमा और जनसंख्या ज्यादा है उस विधानसभा में वार्डों की संख्या तीन से अधिक हो सकती है. इसको लेकर गुरुवार को डीलिमिटेशन कमेटी की बैठक भी हुई थी. इस बैठक में कमेटी के चेयरमैन ने कहा कि ड्राफ्ट परिसीमन आर्डर पहले जारी होगा. वहीं फाइनल परिसीमन आर्डर से पहले जनसुनवाई का पूरा मौका मिलेगा. उन्होंने कहा कि कमेटी तय समय में सभी विभागों के साथ मिलकर परिसीमन का काम पूरा करेगी. एकीकरण से पहले हर एक विधानसभा में करीब-करीब 4 वार्ड थे और कुछ विधानसभाओं में वार्डों की संख्या 3 भी थी.


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसी साल मई में निगम के एकीकरण के बाद वार्डों के परिसीमन के लिए परिसीमन आयोग का गठन किया है. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एमसीडी में वार्डों की संख्या 250 किए जाने को मंजूरी दे दी है. अब परिसीमन आयोग ने इसको लेकर काम शुरू कर दिया है. जिसमें वार्डों की मैपिंग और जनसंख्या के आधार पर परिसीमन का काम शुरू किया जाएगा. जानकारी के अनुसार आयोग ने इसके लिए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की है. आयोग के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने परिसीमन को लेकर अगले चार महीने में रिपोर्ट मांगी है, जिसको लेकर परिसीमन आयोग अपना काम कर रहा है. दिल्ली नगर निगम के चुनाव को लेकर रास्ता साफ हो गया है. वार्ड की संख्या निर्धारित होने के बाद परिसीमन आयोग तय करेगा कि हर एक विधानसभा में कितने वोट होंगे. इससे पहले साल 2016 में दिल्ली में डीलिमिटेशन हुआ था.