Nuh News: नूंह जिले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल की अदालत ने एक दस वर्षीय बच्चे से कुकर्म करने के आरोपी को दोषी ठहराया है. अदालत ने पोस्को एक्ट के दोषी को 20 साल की सजा के साथ-साथ 22 हजार रुपये जुर्माना भरने का फैसला भी सुनाया है. इतना ही नहीं अदालत ने पीड़ित पक्ष को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की सिफारिश भी की है.


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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल की विशेष पोक्सो अदालत के विशेष अभियोजक आकाश तंवर ने बताया कि 12 जनवरी 2021 में नगीना थाने के अंतर्गत एक गांव में एक दस वर्षीय बच्चे से कुकर्म करने का मामला सामने आया था. पीड़ित के पिता की शिकायत पर नगीना थाना पुलिस ने दो के विरुद्ध केस किया. शिकायत में बताया कि 9 वर्षीय बेटा सुबह गांव के मोड पर खेल रहा था. उसी दौरान वसीम अपने नाबालिग साथी के साथ बच्चे को 50 रुपये का लालच देकर सरसों के खेत में ले गया. जहां पर दोनों ने बच्चे के साथ कुकर्म किया. इस दौरान बच्चे को धमकी भी दी गई.


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पीड़ित के अभियोजक ने बताया कि बच्चे के छोटे भाई के माध्यम से जब परिजन को सूचना मिली तो उसकी तलाश की गई. शिकायत में बताया कि खोजबीन के दौरान ही बच्चा सरसों के खेत में बेहोशी की हालत में मिला. जिसको अस्पताल लेकर जाया गया. जबकि इस मामले में दूसरा आरोपी नाबालिग था. जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह नियमित रूप से सुनवाई के दौरान पेश नहीं हुआ, जो फिलहाल फरार घोषित है.


जबकि नूंह पुलिस ने मुख्य आरोपी वसीम के खिलाफ सभी प्रकार के सबूत जुटा लिए. जिनकी अदालत में मजबूती से पैरवी की गई. लगभग तीन साल तक अदालत में केस की सुनवाई चली. मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल की अदालत ने दोषी वसीम को 20 साल कारावास की सजा के साथ-साथ 22 हजार रुपये जुर्माना भरने का फैसला सुनाया. जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को 6 महीने अतिरिक्त सजा के काटने होंगे. विशेष अभियोजक ने यह भी बताया कि अदालत ने पीड़ित पक्ष को जिला विधिक प्राधिकरण की ओर से दो लाख रुपये की आर्थिक मदद करने की सिफारिश भी की है. 


INPUT: ANIL MOHANIA